योगी ने वर्ष 2016 के स्वच्छता सर्वेक्षण का हवाला देते हुए कहा कि उस समय गोंडा देश के सबसे गंदे शहरों में शामिल था। उन्होंने पिछली सरकार के कार्यकाल में गोंडा, बलरामपुर और बहराइच में अज्ञात बीमारी से बच्चों की मौतों का जिक्र करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर सवाल उठाए।
आरोप लगाया कि उस दौर में गरीबों के बच्चों की जान की परवाह नहीं की गई और जरूरतमंदों को सरकारी योजनाओं का लाभ भी नहीं मिल पाता था। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब गरीबों को राशन, रसोई गैस और आयुष्मान योजना का लाभ मिल रहा है। दीपावली से पहले गरीब परिवारों को एक मुफ्त रसोई गैस सिलेंडर देने की भी बात कही। उन्होंने खाद्यान्न घोटाले का उल्लेख करते हुए पिछली सरकारों पर गरीबों के हक पर डाका डालने का आरोप लगाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में गोंडा जिले के लिए 16 हजार करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। देवीपाटन मंडल में करीब 50 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर काम हुआ है। वर्ष 2023 के निवेश सम्मेलन में गोंडा को करीब तीन हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले थे, जिनमें से सैकड़ों करोड़ की परियोजनाएं धरातल पर उतर चुकी हैं। उन्होंने कहा कि पराली और बायोगैस के जरिये भी किसानों की आमदनी बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने बाबा पृथ्वीनाथ मंदिर, स्वामीनारायण मंदिर छपिया और वाराही देवी मंदिर की धार्मिक विरासत का उल्लेख किया। लोगों से दीपावली पर गरीब और वंचित परिवारों के साथ खुशियां साझा करने की अपील करते हुए उन्होंने जय हिंद और जय श्रीराम के उद्घोष के साथ संबोधन समाप्त किया। कार्यक्रम में केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह, जिलाध्यक्ष अकबाल बहादुर तिवारी, गौरा के भाजपा विधायक प्रभात वर्मा, मनकापुर के रमापति शास्त्री, तरबगंज के प्रेमनरायन पांडेय, करनैलगंज के अजय सिंह, मेहनौन के विनय कुमार द्विवेदी आदि मौजूद रहे।