गोंडा। जिले में लगातार चौथे दिन रविवार को भी तेज हवा के साथ बारिश जारी रही। शहर में कई जगह जलभराव से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में पेड़ गिरने से घरों और मंदिर को नुकसान पहुंचा। खराब मौसम का सबसे अधिक असर खेती पर पड़ा है। कई जगह गन्ने और धान की फसल खेतों में गिर गई। रविवार को 43.5 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। चार दिन में बारिश का आंकड़ा 200 मिलीमीटर के करीब पहुंच गया है।
हाउसिंग कॉलोनी, आवास विकास कॉलोनी समेत शहर के कई मोहल्लों में रविवार को भी जलभराव से आवागमन प्रभावित हुआ। रेहड़ी-पटरी वालों का काम भी प्रभावित रहा। नगर पालिका के अधिकारियों ने जलभराव वाले स्थानों से पानी निकालने का दावा किया है।
पसका के लोहंगपुर के पूरे पंडित में शनिवार शाम तेज हवा के दौरान शिव मंदिर के पास पेड़ गिर गया। इससे करीब 38 वर्ष पुराने मंदिर का भवन क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि शिवलिंग, नंदी, कार्तिकेय और गणेश की मूर्तियां सुरक्षित हैं।
आटा गांव के गजराज पुरवा में सागौन का पेड़ ममता सिंह के घर पर गिरने से दीवार में दरार आ गई और टिनशेड व सामान क्षतिग्रस्त हो गया। दवन पुरवा में इसराफिल के घर पर पेड़ के साथ एलटी लाइन का पोल गिर गया। राजस्व निरीक्षक अमरजीत सिंह ने बताया कि क्षति का आकलन कर नियमानुसार सहायता दिलाई जाएगी।
जयप्रभा ग्राम क्षेत्र में बारिश और तेज हवा से कई खेतों में गन्ने की फसल गिर गई। खेतों में पानी भरने से भी फसल को नुकसान की आशंका है। किसान रक्षाराम, कपिल देव और रोहित सिंह ने बताया कि फसल अच्छी स्थिति में थी लेकिन लगातार बारिश और हवा से नुकसान हुआ है। उन्होंने सर्वे कराकर क्षति का आकलन कराने की मांग की। जिला कृषि अधिकारी सीपी सिंह ने बताया कि फसलों को हुए नुकसान का आकलन कराया जा रहा है। किसानों से भी क्षति की सूचना देने की अपील की गई है।