सैदपुर सीएचसी पर दवा लेने पहुंचे मरीज। (फाइल फोटो)
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गाजीपुर। जिले के ग्रामीण इलाकों में रहने गर्भवती महिलाओं को एनएचएम द्वारा संबद्ध निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर दी गई जांच की सुविधा बजट के अभाव में ठप होने के कगार पर पहुंच गई है। वजह छह महीने से बजट नहीं मिलने से निजी केंद्रों का अब तक करीब 24 लाख रुपये का बकाया हो चुका है। हालांकि, छह महीने में करीब 5600 गर्भवती महिलाओं ने अल्ट्रासाउंड कराया है। जबकि 16 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के लिए 15 निजी अल्ट्रासाउंड संबद्ध किया गया है। गर्भवती महिलाओं की समय-समय पर जांच और उन्हें उपचार को लेकर एनएचएम की ओर से विभिन्न योजनाओं का संचालन किया जाता है। यही नहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर जांच व उपचार को पहुंचने वाली गर्भवती महिलाओं की अल्ट्रासाउंड जांच के लिए निजी केंद्रों को संबद्ध किया गया है, जिससे उन्हें निशुल्क जांच की सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो एक माह में करीब एक हजार गर्भवती महिलाएं अल्ट्रासाउंड जांच कराती है। एक गर्भवती महिला की अल्ट्रासाउंड जांच के लिए एनएचएम द्वारा 425 रुपये का भुगतान किया जाता है। ऐसे में प्रत्येक माह 1000 महिलाएं अपनी जांच संबद्ध निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर कराती हैं। बजट के अभाव में इन केंद्रों के बकाये से अब इस सुविधा पर ग्रहण लगता नजर आ रहा है।
सीएचसी पर उपचार को पहुंचने वाली गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड के लिए निजी केंद्रों संबद्ध हैं। कुछ तकनीकी दिक्कतों से परेशानी आ रही है। बजट जारी होते ही सभी केंद्रों का लंबित भुगतान हो जाएगा। हालांकि संबद्ध निजी केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं का अल्ट्रासाउंड हो रहा है।- डॉ. मनोज कुमार नोडल एनएचएम
सीएचसी पर महिला चिकित्सक ने अल्ट्रासाउंड जांच कराने के लिए परामर्श पर्ची पर लिखा। अस्पताल से संबद्ध निजी अल्ट्रासाउंड केंद्र पर निशुल्क जांच हुई।- पूजा यादव, महरूमपुर
गर्भवती महिलाओं के लिए अल्ट्रासाउंड की निशुल्क सुविधा का लाभ फिलहाल तो निजी केंद्रों से मिल रहा है। फिलहाल बाहर संबद्ध निजी अल्ट्रासाउंड जांच हो रही है।- नेहा, कसेरा सैदपुर