ताड़ीघाट गांव में भागवत कथा कहते सुभद्रा नंदन। संवाद
सुहवल। क्षेत्र के ताड़ीघाट गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन कथावाचक सुभद्रानंदन महाराज ने माता सती और भगवान शिव की कथा का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी, नारद मुनि, दुर्वासा ऋषि, राजा अंबरीष तथा मां गंगा के धरती पर अवतरण से जुड़े प्रसंगों को विस्तार से सुनाया। भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी से जुड़े प्रसंगों के माध्यम से श्रद्धालुओं को धर्म, भक्ति और निष्ठा का संदेश दिया। कथावाचक ने राजा अंबरीष और दुर्वासा ऋषि के प्रसंग का वर्णन करते हुए बताया कि भगवान की शरण में जाने तथा क्षमा भाव अपनाने का विशेष महत्व है। उन्होंने एकादशी व्रत तथा भगवान विष्णु के स्मरण की महिमा पर प्रकाश डाला। सूर्यवंश के प्रतापी राजाओं, राजा हरिश्चंद्र, अश्वमेध यज्ञ और राजा सगर के साठ हजार पुत्रों की कथा सुनाई। बताया कि कपिल मुनि के प्रसंग के बाद अपने पूर्वजों के उद्धार के लिए राजा भगीरथ ने कठोर तपस्या की। कथावाचक ने श्रद्धालुओं को धर्म के मार्ग पर चलने, भगवान का स्मरण करने और सदाचार अपनाने की प्रेरणा दी। बीच-बीच में प्रस्तुत सुंदर भक्ति गीतों से कथा पंडाल का वातावरण भक्तिमय हो उठा।