केस 1 चार सफाईकर्मी, फिर भी गंदगी
पीडीडीयू नगर का प्रमुख दामोदरदास पोखरा पर जिउतिया पर्व के दौरान पांच हजार से अधिक महिलाएं स्नान और पूजा के लिए पहुंची थीं। पर्व के बाद होने वाली सफाई के लिए चार सफाईकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी। इसके बावजूद रविवार शाम पांच बजे तक घाटों की सीढ़ियों से लेकर पोखरे के पानी तक पूजा सामग्री और कचरा दिखाई दिया। पानी में फूल-माला और अन्य अवशेष तैरते मिले।
केस 2- 10 हजार महिलाएं आईं, कचरा नहीं हटा
पीडीडीयू नगर के सबसे बड़े मानसरोवर तालाब में शनिवार को 10 हजार से अधिक महिलाओं ने स्नान और पूजा की थी। नगर पालिका ने यहां भी चार सफाईकर्मियों की ड्यूटी लगाई थी। बावजूद इसके रविवार शाम चार बजे तक घाटों की सीढ़ियों और पानी में गंदगी दिखाई दी। रेलवे के अधीन आने वाले इस तालाब की सफाई की जिम्मेदारी नगर पालिका को दी गई है।
केस 3- अमृत सरोवर में जा रहा गंदा पानी
इलिया कस्बे में रानी लक्ष्मीबाई अमृत सरोवर की स्थिति भी चिंता बढ़ाने वाली मिली। सरोवर के पास बने सामुदायिक शौचालय की टंकी पानी निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से ओवरफ्लो हो रही थी। टंकी से निकलने वाला गंदा पानी और मलबा सीधे अमृत सरोवर में जाता दिखाई दिया। सरोवर के आसपास भी कूड़ा बिखरा मिला।
केस 4- 50 हजार श्रद्धालुओं के बाद भी नहीं हुई सफाई
बलुआ गंगा घाट पर जिउतिया पर्व में 50 हजार से अधिक महिलाओं ने स्नान-पूजन किया। अगले दिन घाट पर फूल-माला, कागज और प्लास्टिक का कचरा गंगा किनारे और पानी में बिखरा मिला। सकलडीहा के कालेश्वरनाथ पोखरा, बाबा अवधूत भगवान राम घाट पड़ाव, धानापुर और सैयदराजा के पोखरों पर भी पर्व के बाद गंदगी पसरी रही। पूजा सामग्री और कचरा हटाने के लिए प्रभावी सफाई अभियान नहीं चलाया गया।
जिले के प्रमुख जलाशय जहां फैली मिली गंदगी
- दामोदरदास पोखरा, पीडीडीयू नगर
- मानसरोवर तालाब, पीडीडीयू नगर
- रानी लक्ष्मीबाई अमृत सरोवर, इलिया
- बलुआ गंगा घाट, चहनिया
- कालेश्वरनाथ पोखरा, सकलडीहा
- धानापुर का पोखरा
- सैयदराजा का पोखरा
- बाबा अवधूत भगवान राम घाट पड़ाव
स्थानीय लोगों ने बताईं समस्या।
- फोटो : संवाद
जिउतिया पर्व के बाद मानसरोवर तालाब में व्रती महिलाओं की ओर से छोड़े गए फूल-माला और पूजा सामग्री के अवशेष पड़े हैं। समय से सफाई नहीं होने के कारण तालाब में गंदगी बढ़ती जा रही है। - रघुनाथ, अवकाश प्राप्त रेलकर्मी
पर्व के बाद तालाब पर पूजा सामग्री के अवशेष बिखरे हैं। सफाईकर्मियों की ड्यूटी लगाए जाने के बावजूद गंदगी नहीं हटाई गई। जिम्मेदारों को तत्काल सफाई करानी चाहिए। - प्रवीन यादव, कुढ़कला
मानसरोवर तालाब पूरे नगर की सुंदरता बढ़ाता है, लेकिन यहां अक्सर गंदगी पसरी रहती है। जिउतिया पर्व को लेकर विशेष सफाई अभियान चलाया गया था, फिर भी पर्व के बाद तालाब की स्थिति बदहाल है। - विजय शंकर, लोको पायलट
दामोदरदास पोखरे पर पर्व के बाद सफाई नहीं होने से घाट से लेकर पानी तक गंदगी फैली है। पूजा सामग्री के अवशेष सड़ने से पानी दूषित होने का खतरा है। जल्द सफाई कराई जानी चाहिए। - राजकुमार यादव, अमोघपुर
पीडीडीयू नगर के मानसरोवर तालाब और दामोदर दास पोखरे की सफाई के लिए 4-4 सफाईकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी। अगर सफाई नहीं हुई है तो उसे जल्द से जल्द करा दिया जाएगा। - धर्मराज सिंह, ईओ, नगर पालिका परिषद पीडीडीयू नगर