जरीफनगर (बदायूं)। गांव दियोहरा शेखपुर में एक परिवार के घर रात में दबिश देने, डोडा बरामदगी के केस में फंसाने की धमकी और पीटने के आरोप में एसएसपी अंकिता शर्मा ने बस्तोई सीकरी चौकी के प्रभारी उपनिरीक्षक मनीष भारद्वाज और चार सिपाहियों को निलंबित कर दिया। एसएसपी ने शिकायत पर आरोपी पांचों पुलिसकर्मियों की अपने सामने शिनाख्त करने के बाद यह कदम उठाया। एसपी देहात से भी जांच कराई। सभी के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू करा दी गई है।
गांव निवासी अवनेश ने बताया कि चौकी प्रभारी मनीष भारद्वाज, चार सिपाही आरक्षी लोकेश, सुरजीत, हरीश व संदीप भाटी बीते सोमवार की रात करीब एक बजे कार से उनके गांव पहुंचे। सभी ने सादा कपड़े पहन रखे थे। सबसे पहले गांव के ही बाहर ट्यूबवेल पर सो रहे उनके पिता कृपाल सिंह के पास रुके। उन्होंने अपने साथ लाए थैले में कुछ सामान दिखाकर कहा कि कहां से लाए हो। जब उनके पिता ने अपने पास कुछ भी नहीं होने की बात कही तो उन्हें पीटा। पुलिसकर्मी अवनेश के चाचा के घर में भी घुस गए। वहां उनकी चचेरी बहनें और परिवार की महिलाएं सो रही थीं। पुलिसकर्मियों ने उनके साथ भी गाली-गलौज की। वहां से निकलकर अवनेश के घर पहुंचे। गेट जोर-जोर खटखटाने लगे। अवनेश ने बताया कि रात में सोते समय एक दम से इतनी जोर से गेट खटखटाने पर लगा कि उनके विपक्षियों ने उनके घर पर हमला कर दिया। जब तक वह गेट खोलते, तब तक पुलिसकर्मियों ने गेट का कुंडे को तोड़ दिया और घर में घुस गए। फिर महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार किया। पुलिस रात में ही अवनेश, उनके पिता और भाई उदयप्रकाश को पकड़कर थाने लेकर चली गई।
-
थाने में पीछे की दीवार कुदाकर अंदर गए पुलिसकर्मी
-अवनेश ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी उन्हें, पिता और भाई को थाने लेकर पहुंचे तो मुख्य गेट से न ले जाकर पीछे से दीवार कुदाकर अंदर घुसे। उनका कहना है कि पुलिसकर्मियों ने ऐसा इसलिए किया, ताकि मुख्य गेट पर लगे सीसीटीवी कैमरों में उनकी आवाजाही न दिख सके। इसके बाद उन्हें महिला हेल्प डेस्क वाले कमरे में बैठाया गया और थाने में भी उन्हें पीटा गया। पीड़ित ने बताया कि वहां पुलिसकर्मी उनसे पूछ रहे थे कि उन्होंने मारपीट की रिपोर्ट दूसरे पक्ष पर लिखवाने के लिए सीओ व मेडिकल परीक्षण करने वाले डॉक्टर को कितने रुपये दिए। आरोप है कि इसी दौरान पांचों पुलिसकर्मियों ने दो-तीन बार उन्हें पीटा। अवनेश के मुताबिक, कुछ देर बाद परिवार के लोग उन्हें छुड़ाने थाने पहुंचे। पुलिसकर्मियों ने परिजनों से कहा कि वे तीनों थाने में नहीं हैं। इसी दौरान अवनेश की पत्नी ने उन्हें देख लिया। इसके बाद परिवार के लोग उनके थाने में होने की बात पर अड़ गए। काफी देर बाद तीनों को पुलिसकर्मियों ने थाने के पीछे से ही दीवार कुदाकर अपनी गाड़ी से बैठाकर बाहर छोड़ आए।
धारदार हथियार से हमले के आरोप में दर्ज हुई थी रिपोर्ट
-अवनेश के अनुसार, उसके भाई उदयप्रकाश ने इससे पहले 26 अगस्त की शाम करीब साढ़े छह बजे हुई मारपीट के मामले में आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप है कि संभल जिले के थाना जुनावई क्षेत्र के गांव फतेहपुर निवासी अनमोल अपने साथियों भूपेंद्र, जयवीर, ज्ञान सिंह, जुगेंद्र, सत्यवीर, प्रांशुख, राकेश, मुकेश, आकाश, योगेश और राजू समेत आठ अज्ञात लोगों के साथ सात वाहनों से उनके घर पहुंचा था। अवनेश का आरोप है कि पुरानी कहासुनी को लेकर आरोपियों ने लाठी-डंडों, धारदार हथियारों और अवैध हथियारों से लैस होकर घर में घुसकर उनके पिता कृपाल सिंह, चचेरे भाइयों कौशेंद्र और पंकज समेत अन्य लोगों के साथ मारपीट की। इस दौरान उदयप्रकाश के सिर में खुली चोट लगी, जबकि पिता और अन्य परिजनों को भी चोटें आईं। मामले में 27 अगस्त को उदयप्रकाश की ओर से जरीफनगर थाने में एससी-एसटी एक्ट समेत संबंधित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
-
शिकायत पर एसएसपी ने कराई पुलिस कर्मियों की शिनाख्त
पीड़ित परिवार घटना के बाद 10 सितंबर को शहर विधायक महेश चंद्र गुप्ता के साथ एसएसपी अंकिता शर्मा के साथ उनके कार्यालय में मिले थे। एसएसपी के सामने पीड़ित परिवार ने अपने साथ हुई घटना के बारे में बताया। पीड़ित परिवार को एसएसपी ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया था। अवनेश ने बताया कि एसएसपी ने दो घंटे में ही पांचों पुलिसकर्मियों को कार्यालय बुला लिया और उनसे पहचानने को कहा। इसके बाद अवनेश और परिवार के लोगों ने पांचों को पहचान लिया था। इसके बाद एसपी ग्रामीण ह्रदेश कठेरिया को जांच सौंपी। उनकी जांच रिपोर्ट के आधार पर पूरी कार्रवाई की गई।
प्रकरण संज्ञान में आने के बाद जांच एसपी ग्रामीण से जांच कराई गई थी। जांच रिपोर्ट में उपनिरीक्षक और चार आरक्षियों की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर निलंबित किया गया है। सभी के खिलाफ विभागीय जांच भी कराई जा रही है। -अंकिता शर्मा, एसएसपी
-
पुलिसकर्मियों को अवनेश और उसके परिवार वालों के पास डोडा होने की सूचना मिली थी। इसी के बाद दबिश दी गई थी। अवनेश के भाई की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट से इस दबिश से कोई वास्ता नहीं है। -अशोक कुमार, सीओ सहसवान