डॉ. नवनीत का फाइल फोटो और मौके पर जमा स्टाफ व पुलिस।
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100 बेड के हॉस्पिटल में कार्यरत ईएमओ (इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर) डॉ. नवनीत कुमार यादव (53) की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई। उनका शव हॉस्पिटल स्थित आवासीय कॉलोनी में उनके आवास में पड़ा मिला। चिकित्सक का शव कमरे में फर्श पर मुंह के बल पड़ा था। सिर में चोट के निशान भी थे। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
बागपत के थाना बालैनी क्षेत्र के अमीनगर लोहारा निवासी डॉ. नवनीत कुमार यादव साल 2023 से ईएमओ के पद पर कार्यरत थे। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अमित कुमार ने बताया कि वह अस्पताल में बनी सरकारी कॉलोनी में दूसरी मंजिल पर अकेले रहते थे। इसलिए गांव चक शहजनी निवासी एक व्यक्ति के होटल से खाना मंगाकर खाते थे।
डॉ. नवनीत कुमार यादव की पत्नी दिल्ली के रोहिणी अस्पताल में डॉक्टर हैं और उनके दो बच्चे हैं। चिकित्सक कभी-कभी अपने परिवार से मिलने दिल्ली जाते थे। सूचना पर पहुंची पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल की जांच की। पुलिस की ओर परिजनों को सूचना दे दी गई है। घटना की अभी पुलिस को तहरीर नहीं मिली है।
कर्मचारी का बेटा कमरे में गया तो हुई घटना की जानकारी
डॉ. अमित ने बताया कि सोमवार को जब वह अस्पताल में ओपीडी कर रहे थे। इसी दौरान अस्पताल में कार्यरत स्टाफ ध्यान सिंह के पुत्र प्रिंस कुमार ने डॉ. नवनीत के जमीन पर पड़ा होने की सूचना दी। स्टाफ ने मौके पर जाकर देखा तो उनकी मौत हो चुकी थी। कर्मचारी ध्यान सिंह ने बताया कि उन्होंने डॉ. नवनीत यादव को शनिवार को देखा था। सोमवार को अस्पताल में नजर नहीं आने पर उन्होंने अपने पुत्र को देखने के लिए उनके आवास पर भेजा, तब घटना का पता चला।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता लगेगी मौत की वजह
धामपुर के सीओ अंजनी कुमार चतुर्वेदी का कहना है कि अस्पताल के सरकारी आवास में डॉक्टर मृत अवस्था में मिले हैं। चिकित्सक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। मौत के सही कारणों का पता पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही लग पाएगा।