खास बात यह है कि इस डिजाइन को खुद नुमान वजीरी ने ही तैयार की थी। इसमें कुछ उगते चांद को दिखाया गया था। खासियत यह थी इसमें केवल ऊन और सिल्क के चार-पांच रंग से ही बनाया गया था और इसे तैयार में केवल तीन माह का समय लगा था। आठ श्रेणियों में अवाॅर्ड के लिए 21 देशों के 386 डिजाइन रेस में थी।
जुरी ने प्रत्येक श्रेणी के लिए तीन-तीन डिजाइनों को फाइनल दौर के लिए नामित किया था। जिसमें से एक अवाॅर्ड भदोही के नई बाजार के डिजाइन को मिला। इसी वर्ष दूसरा सर्वोत्तम डिजाइन अवाॅर्ड जयपुर की जयपुर रग्स को मिला था।
65 देशों के 221 कालीन डिजाइनों को पछाड़ कर पाया अवार्ड
वर्ष 2017 से पूर्व 2014 में भी भारतीय डिजाइन ने डोमोटेक्स में भदोही की नायाब कारीगरी का डंका बजाया था। जब 65 देशों से नामित 221 कालीन डिजाइ में आठ में से एक बेस्ट ट्रांसिस्नल डिजाइन का अवाॅर्ड गोपीगंज (भदोही) की ग्लोबल ओवरसीज को मिला था। इसे बनाने वाले संजय गुप्ता कहते हैं, तब मुझे भी इसका आभास नहीं था कि हमारे बुनकरों और डिजाइनरों ने दुनिया की सर्वश्रेष्ठ डिजाइन बना दी हैं। उन्होंने बताया कि उनकी डिजाइन की खासियत यह थी, तब इस तरह के डिजाइन नहीं बनते थे। डिजाइन में एक बाग दिखाया गया था। जिसमे मुख्यत: दो रंग ही दिखाई पड़ते हैं। हालांकि पांच से अधिक रंगों का इस्तेमाल डिजाइन में किया गया है।