बभनान। त्योहारी सीजन में चीनी की किल्लत से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। थोक कारोबारियों के गोदाम खाली होने से फुटकर दुकानदारों को चीनी नहीं मिल पा रही है। ग्राहकों को फुटकर दुकानों पर चीनी 15 रुपये प्रति किलो तक महंगी खरीदनी पड़ रही है।
व्यापारियों का कहना है कि एक अक्तूबर से चीनी की नियमित आपूर्ति नहीं हो रही है। वहीं, चीनी मिलों से भाव की जानकारी भी नहीं मिल पा रही है। इससे बाजार में चीनी की उपलब्धता और कीमतों को लेकर असमंजस है। बभनान की श्री गणेश ट्रेडिंग कंपनी के मालिक राजेश गुप्ता ने बताया कि एक से 12 अक्तूबर के बीच मनकापुर से केवल 60 क्विंटल चीनी मिती थी, जो पहले ही सप्ताह में बिक गई। उसके बाद आपूर्ति नहीं हुई। गोदाम खाली पड़ा है। उनका कहना है कि चीनी मिलों की ओर से न तो माल उपलब्ध कराया जा रहा है और न ही कीमत की जानकारी दी जा रही है।
विशाल इंटरप्राइजेज के मुनीम रवि ने बताया कि एक अक्तूबर से पहले चीनी की खरीदारी की गई थी। उसके बाद आपूर्ति और भाव दोनों की जानकारी नहीं मिल रही है। चीनी मिलों ने भाव की जानकारी साझा करने के लिए व्हाट्सएप ग्रुप बनाया है लेकिन वहां भी रेट नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से चीनी का निर्धारित भाव 4500 रुपये प्रति कुंतल है। फुटकर दुकानदार राजेश चौरसिया ने बताया कि उन्हें 57 से 58 रुपये प्रति किलो चीनी खरीदनी पड़ रही है। ऐसे में 60 से 62 रुपये प्रति किलो बेचने पर ही खर्च और मुनाफा निकल पाता है। वहीं, दुकानदार नरसिंह ठाकुर ने बताया कि बाजार के थोक कारोबारियों के गोदाम खाली होने से उन्हें चीनी नहीं मिल पा रही है।
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चीनी की ओवररेटिंग का मामला उनके संज्ञान में नहीं है। जानकारी मिलने पर जांच के लिए टीम गठित की जाएगी। निर्धारित दर से अधिक कीमत पर चीनी बेचने की पुष्टि होने पर संबंधित दुकानदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। -प्रद्युम्न कुमार, एसडीएम, हर्रैया