घुंघटेर। भारी बारिश के बाद निंदूरा क्षेत्र के दो दर्जन से अधिक गांवों में हजारों बीघा खेत अब भी जलमग्न हैं। कटाई के लिए तैयार धान की फसल पानी में डूबकर सड़ रही है। किसानों का आरोप है कि स्थानीय लेखपालों ने अब तक फसलों का नुकसान नहीं आंका।
आक्रोशित किसान मंगलवार को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और शिकायती पत्र सौंपा। किसान राममिलन, चंद्र प्रकाश, विजय कुमार, राम नारायण, राधेश्याम, महेश, गुरुदीन, गया प्रसाद और राम मनोहर ने बताया कि इंदिरा नहर के नीचे कल्याणी नदी में कुछ दबंग मछली पालकों ने गैर-कानूनी तरीके से पानी रोक रखा है। इससे जजियामऊ, भंडार, दिबियापुर, सैदनपुर, देवरा रीवां-सीवां, इनायतपुर, हजियापुर, बुढ़ाना, निगोहां और नाहनीपुर समेत दर्जनों गांवों के खेतों से पानी नहीं निकल रहा है।
किसानों ने जल्द जलनिकासी कराकर फसल बचाने और नुकसान का सर्वे कराने की मांग की। किसानों ने कहा कि कई दिनों से खेतों में पानी भरा होने से धान की फसल खराब हो रही है और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
मामले की गंभीरता पर डीएम के निर्देश पर एसडीएम फतेहपुर कार्तिकेय सिंह देवरा गांव पहुंचे। उन्होंने किसानों से बातचीत कर स्थिति जानी। एसडीएम ने कल्याणी नदी की पोकलैंड मशीन से सफाई कराने और अवैध रुकावटें हटवाने का आश्वासन दिया, ताकि पानी निकल सके और बची धान की फसल बचाई जा सके।