कटका के रतना भूयारी पुरवा में इंजेक्शन लगने से वीरेंद्र की मौत के बाद घर के बाहर मौजूद परिजन व
जलालपुर। झोलाछाप से इलाज कराने पहुंचे व्यक्ति की इंजेक्शन लगने के कुछ घंटे बाद हालत बिगड़ गई। परिजन उन्हें आननफानन आजमगढ़ के सरकारी अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद आरोपी झोलाछाप क्लीनिक में ताला लगाकर भाग गया। मामले में सीएमओ डॉ. प्रमोद कुमार ने सीएचसी अधीक्षक से जांच कर रिपोर्ट मांगी है।
कटका के रतना भूयारी का पुरवा निवासी वीरेंद्र प्रजापति (51) की कुछ दिन पहले उंगली में चोट लगी थी। वह रतना डिहवा स्थित एक झोलाछाप से इसका इलाज करा रहे थे। परिजनों के अनुसार, बृहस्पतिवार को उसी उंगली में दोबारा चोट लगने के बाद वीरेंद्र इलाज कराने झोलाछाप के पास पहुंचे। आरोप है कि झोलाछाप ने उन्हें इंजेक्शन लगा दिया। इंजेक्शन लगने के कुछ देर बाद ही वीरेंद्र की तबीयत अचानक बिगड़ गई। हालत गंभीर होने पर परिजन उन्हें लेकर आजमगढ़ के सरकारी अस्पताल पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पति की मौत की खबर मिलते ही पत्नी दुर्गावती देवी बेसुध हो गईं। वीरेंद्र के परिवार में छह बेटियां और एक बेटा है। तीन बेटियों की शादी हो चुकी है, जबकि बेटा और तीन बेटियां अभी पढ़ाई कर रहे हैं। थानाध्यक्ष अक्षय पटेल ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का सही कारण स्पष्ट हो सकेगा। परिजनों की ओर से अभी कोई शिकायत पत्र नहीं दिया गया है।
नोट : वर्जन, इनसेट का जोड़ मिलेगा