गृहस्थों का पूजन समय शाम 5.54 बजे से
गृहस्थों के लिए शाम का समय पूजन के लिए सबसे उचित है, जब प्रदोष काल और स्थिर वृषभ लग्न का संयोग बनता है। सामान्य गृहस्थ मुहूर्त शाम 05:54 बजे से शाम 07:50 बजे तक (कुल अवधि: 1 घंटा 54 मिनट) रहेगा। महा-सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त शाम 07:15 बजे से 07:28 बजे तक रहेगा। इस 13 मिनट के समय में प्रदोष काल, स्थिर वृष लग्न और कुंभ का स्थिर नवांश एक साथ मिल रहे हैं, जो घर में अटूट लक्ष्मी निवास के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। नौकरीपेशा लोगों के लिए पूजन का समय सुबह 11:45 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक रहेगा। विद्यार्थियों के लिए सरस्वती-गणेश ध्यान के लिए दोपहर 01:30 बजे से दोपहर 03:00 बजे तक समय उचित रहेगा।
कारोबार, दुकान और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का मुहूर्त
व्यापारियों और दुकानदारों के लिए दिन के समय पूजा करना और बही-खातों का नवीनीकरण करना बेहद शुभ माना जाता है। इसके लिए निम्नलिखित चौघड़िया और लग्न मुहूर्त सर्वश्रेष्ठ हैं। दुकान और नए व्यापार की शुरुआत करने वालों के लिए सुबह 05:15 बजे से सुबह 09:30 बजे तक का समय उचित है। व्यावसायिक प्रतिष्ठान, कारखाने और किसानों के लिए सुबह 09:40 बजे से सुबह 11:10 बजे तक का समय उचित है। निजी कार्यालय (प्राइवेट ऑफिस) और हॉस्पिटल के लिए सुबह 11:30 बजे से शाम 05:15 बजे तक पूजन का समय रहेगा। शाम के समय सर्वश्रेष्ठ व्यापारिक वृष लग्न शाम 06:09 बजे से रात 08:07 बजे तक है।
महानिशीथ काल
जो लोग मध्यरात्रि में मां काली या लक्ष्मी की विशेष साधना करते हैं, उनके लिए सिंह लग्न और महानिशीथ काल का समय तय है। महानिशीथ काल रात 11:39 बजे से देर रात 12:31 बजे तक रहेगा। सिंह लग्न का पूजन रात 12:30 बजे से देर रात 02:49 बजे तक हो सकेगा।
गोवर्धन पूजा
- 10 नवंबर को गोवर्धन पूजा, अन्नकूट का महाप्रसाद
- पूजा शुभ मुहूर्त - सुबह 06: 40 से 08:50 तक रहेगा। इसी दिन पूरे जिले में गोवर्धन की पूजा के साथ अन्नकूट का महाभोग लगाकर श्रद्धालुओं के बीच में बांटा जाएगा।
भैया दूज : तिलक का समय दोपहर 1: 10 बजे से
तिलक का समय-11 नवंबर को दोपहर 01:10 से 03:20 बजे तक रहेगा। शास्त्रों के अनुसार भैया दूज को यम द्वितीया भी कहते हैं। इस दिन बहनें, भाई को तिलक लगाकर उन्हें लंबी उम्र का आशीष देती हैं। इसी दिन मृत्यु के देवता यमराज का पूजन किया जाता है। ब्रजमंडल में इस दिन बहनें यमुना नदी में खड़े होकर भाइयों का तिलक करती हैं।