मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के घेराव की रणनीति बैठक में सपा के दो नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक हो गई और हाथापाई की नौबत आ गई। जैतपुर की पीडीए चौपाल को लेकर शुरू हुआ विवाद बढ़ा, जिसका वीडियो वायरल होने के बाद पार्टी में मामला चर्चा में है।
आगरा के बाह में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के घेराव प्रदर्शन की रणनीति बनाने के लिए आयोजित समाजवादी पार्टी की एक बैठक में दो जिला उपाध्यक्षों के बीच तीखी नोकझोंक और हाथापाई की नौबत आ गई। इस घटना का वीडियो वायरल हो रहा है। यह बैठक शनिवार को बाह बिजौली गांव स्थित एसएस गार्डन में आयोजित की गई थी।
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बैठक का उद्देश्य 7 अक्टूबर को होने वाले मुख्य चुनाव आयुक्त के घेराव प्रदर्शन की रणनीति तैयार करना था। बैठक में सपा के जिला उपाध्यक्ष सुधीर दुबे, राजेश यादव, जिला सचिव आलोक यादव, महेश गुप्ता, पूर्व जिलाध्यक्ष श्रीकृष्ण वर्मा, विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर खैर, महेश वर्मा और सुरेश यादव जैसे नेता विचार-विमर्श कर रहे थे।
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सूत्रों के अनुसार, विचार-विमर्श के दौरान 11 सितंबर को जैतपुर में हुए सपा के राष्ट्रीय महासचिव विशम्भर प्रसाद की पीडीए चौपाल कार्यक्रम को "हाईजैक" किए जाने के आरोप पर कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते यह बहस नोकझोंक में बदल गई। सपा के जिला उपाध्यक्ष सुधीर दुबे और मुकेश बरुआ के बीच पुरानी अदावत खुलकर सामने आ गई। वायरल वीडियो में दोनों के बीच बहस के दौरान उनके समर्थकों के बीच हाथापाई की स्थिति बनती दिख रही है। खींचतान के बीच सपा कार्यकर्ता दोनों नेताओं को अलग करते नजर आए।
यह प्रकरण पार्टी के गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि दोनों नेता आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए दावेदारी कर रहे हैं। इस संबंध में पूछे जाने पर मुकेश बरुआ ने बताया कि कार्यकर्ताओं में कहासुनी और विवाद हुआ है, लेकिन सुधीर दुबे से उनका कोई विवाद या विरोध नहीं है। वहीं, सुधीर दुबे ने कहा कि पार्टी में लोकतंत्र है और ऐसी बातें आम हैं।