सार
एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत की मोना अग्रवाल और हनी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीते। मोना ने महिला 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग एसएच1 स्पर्धा में 357.5 अंक के साथ विश्व रिकॉर्ड बनाया, जबकि हनी ने पुरुषों की भाला फेंक एफ37/38 स्पर्धा में 60.49 मीटर का विश्व रिकॉर्ड बनाकर स्वर्ण अपने नाम किया।
एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों ने विश्व रिकॉर्ड के साथ दो स्वर्ण पदक जीतकर देश का मान बढ़ाया। निशानेबाज मोना अग्रवाल ने महिला 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग एसएच1 स्पर्धा में 357.5 अंक हासिल कर विश्व रिकॉर्ड बनाया, जबकि हनी ने पुरुषों की भाला फेंक एफ37/38 स्पर्धा में 60.49 मीटर का थ्रो कर नया विश्व रिकॉर्ड कायम किया। मोना और हनी की इन ऐतिहासिक उपलब्धियों ने भारत के पदक अभियान को नई मजबूती दी।
मोना
- फोटो : IANS
मोना अग्रवाल ने विश्व रिकॉर्ड के साथ जीता स्वर्ण
एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है। निशानेबाज मोना अग्रवाल ने महिला 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग एसएच1 स्पर्धा में विश्व रिकॉर्ड बनाते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। मोना ने 357.5 अंक हासिल किए और स्वीडन की अन्ना बेंसन के 356 अंकों के पिछले विश्व रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। मोना की इस उपलब्धि ने भारतीय निशानेबाजी दल को बड़ी सफलता दिलाई।
इस स्पर्धा में चीन की कुइपिंग झांग ने 353.7 अंक के साथ रजत पदक जीता, जबकि दक्षिण कोरिया की म्योंग किम 344.4 अंक हासिल कर कांस्य पदक जीतने में सफल रहीं। भारत की एक अन्य निशानेबाज अवनि लेखरा का प्रदर्शन भी चर्चा में रहा, लेकिन वह 333.2 अंक के साथ चौथे स्थान पर रहीं। इस तरह मोना ने पोडियम पर शीर्ष स्थान हासिल किया, जबकि अवनि पदक से चूक गईं।
मोना की सफलता इसलिए भी खास है, क्योंकि उन्होंने निशानेबाजी में अपेक्षाकृत देर से शुरुआत की थी। इससे पहले वह पैरा एथलेटिक्स, पैरा पावरलिफ्टिंग और सिटिंग वॉलीबॉल जैसे खेलों में अपनी क्षमता दिखा चुकी हैं। दिसंबर 2021 में निशानेबाजी को करियर बनाने का फैसला करने के बाद उन्होंने कम समय में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई। अब एशियन पैरा गेम्स में विश्व रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण जीतकर उन्होंने अपने सफर में एक और बड़ी उपलब्धि जोड़ दी है।
क्वालिफिकेशन में भी दिखाया था दम
मोना ने फाइनल से पहले क्वालिफिकेशन दौर में भी शानदार निशानेबाजी की थी। उन्होंने 629.1 अंक हासिल कर शीर्ष स्थान के साथ फाइनल में प्रवेश किया था और इस दौरान एशियन पैरा गेम्स का क्वालिफिकेशन रिकॉर्ड भी बनाया था। फाइनल में विश्व रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण जीतना उनके लगातार अच्छे प्रदर्शन का प्रमाण है।
मोना ने पेरिस पैरालंपिक 2024 में महिला 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग एसएच1 स्पर्धा में कांस्य पदक जीता था। विश्व कप प्रतियोगिताओं में भी उनके नाम कई उल्लेखनीय उपलब्धियां रही हैं। वर्ष 2024 में उन्हें खेल के क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन के लिए अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। एशियन पैरा गेम्स का यह स्वर्ण उनके करियर की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल हो गया है।
हनी
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हनी ने भाला फेंक में बनाया विश्व रिकॉर्ड
निशानेबाजी में मोना की सफलता के बीच भारत के हनी ने एथलेटिक्स में देश का मान बढ़ाया। उन्होंने पुरुषों की भाला फेंक एफ37/38 स्पर्धा में 60.49 मीटर का विश्व रिकॉर्ड बनाते हुए स्वर्ण पदक जीता। हनी का यह प्रदर्शन भारतीय पैरा एथलेटिक्स के लिए बड़ी उपलब्धि रहा। उन्होंने अपने शानदार प्रयास से प्रतियोगिता में बाकी खिलाड़ियों को पीछे छोड़कर शीर्ष स्थान हासिल किया।
ईरान के होर्मोज सेदिकाजपौंजी ने 50.68 मीटर के अपने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ रजत पदक जीता। चीन के यू चेंगजी ने 53.66 मीटर का थ्रो कर कांस्य पदक अपने नाम किया। चेंगजी का प्रदर्शन एशियाई रिकॉर्ड रहा। हालांकि, इस स्पर्धा में खिलाड़ियों की रैंकिंग केवल दूरी के आधार पर तय नहीं हुई। एफ37 और एफ38 वर्ग के खिलाड़ियों ने संयुक्त रूप से हिस्सा लिया और अंतिम स्थान निर्धारण में रजा अंक भी अहम रहे। हनी ने 1116 रजा अंक हासिल किए और स्वर्ण पदक जीता।
हनी ने प्रतियोगिता में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया और निर्णायक प्रयास में 60.49 मीटर का थ्रो कर विश्व रिकॉर्ड अपने नाम किया। उनका यह प्रदर्शन दिखाता है कि वह एफ37 वर्ग में दुनिया के शीर्ष पैरा एथलीटों में अपनी जगह बना चुके हैं। एफ37 वर्ग उन खिलाड़ियों के लिए निर्धारित है जिन्हें शरीर के समन्वय और गतिविधियों से जुड़ी समस्याएं होती हैं।
हनी
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दो दिन पहले डिस्कस थ्रो में भी जीता था कांस्य
हनी के लिए यह प्रतियोगिता केवल स्वर्ण पदक तक सीमित नहीं रही। भाला फेंक में विश्व रिकॉर्ड बनाने से दो दिन पहले उन्होंने पुरुषों की डिस्कस थ्रो एफ37 स्पर्धा में कांस्य पदक भी जीता था। उन्होंने अपने आखिरी प्रयास में 57.04 मीटर का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और पोडियम पर जगह बनाई। इस तरह हनी ने एशियन पैरा गेम्स में दो पदक जीतकर अपनी बहुमुखी प्रतिभा का परिचय दिया।
हरियाणा के रहने वाले 20 वर्षीय हनी रोहतक के राजीव गांधी स्टेडियम में कोच सुनील फोगाट के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण लेते हैं। वह इससे पहले भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी छाप छोड़ चुके हैं। हांगझोऊ में 2022 एशियन पैरा गेम्स में उन्होंने भाला फेंक एफ37/38 स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता था। अब 2026 में विश्व रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण जीतकर उन्होंने एक बार फिर अपनी श्रेष्ठता साबित की है।
भारत के लिए दो बड़ी उपलब्धियां
मोना अग्रवाल और हनी के स्वर्ण पदक भारतीय दल के लिए दो अलग-अलग खेलों में बड़ी उपलब्धियां हैं। मोना ने निशानेबाजी में विश्व रिकॉर्ड बनाकर शीर्ष स्थान हासिल किया, जबकि हनी ने भाला फेंक में विश्व रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता। मोना का सफर बताता है कि अलग-अलग खेलों में अनुभव हासिल करने के बाद भी नए लक्ष्य की ओर बढ़ा जा सकता है। वहीं, हनी ने कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान मजबूत की है। दोनों खिलाड़ियों की उपलब्धियां भारतीय पैरा खेलों में प्रतिभा, मेहनत और निरंतरता का उदाहरण हैं। विश्व रिकॉर्ड के साथ मिले इन स्वर्ण पदकों ने एशियन पैरा गेम्स में भारत के अभियान को नई मजबूती दी है।
पैरालिंपिक शूटर मोना अग्रवाल।
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मोना अग्रवाल की कहानी: नौ महीने की उम्र में पोलियो, फिर निशानेबाजी में विश्व रिकॉर्ड
राजस्थान के सीकर में आठ नवंबर 1987 को जन्मीं मोना अग्रवाल के दोनों पैर नौ महीने की उम्र में पोलियो से प्रभावित हुए। इसके बावजूद उन्होंने पढ़ाई जारी रखी और कला विषय में स्नातक की डिग्री हासिल की। आत्मनिर्भर बनने के लिए उन्होंने नौकरी भी की और मानव संसाधन तथा मार्केटिंग जैसे क्षेत्रों में काम किया।
मोना ने खेलों में शुरुआत निशानेबाजी से नहीं, बल्कि पैरा एथलेटिक्स से की। उन्होंने शॉट पुट, डिस्कस थ्रो और भाला फेंक में हिस्सा लिया। सिटिंग वॉलीबॉल में भी उन्होंने अपनी पहचान बनाई और 2019 में राजस्थान की टीम की कप्तानी करते हुए राष्ट्रीय चैंपियनशिप का स्वर्ण जीता। दिसंबर 2021 में उन्होंने निशानेबाजी को अपना करियर बनाने का फैसला किया।
कम समय में उन्होंने विश्व कप में पदक जीते और पेरिस पैरालंपिक 2024 में महिला 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग एसएच1 स्पर्धा का कांस्य पदक हासिल किया। दो बच्चों की मां मोना ने जिम्मेदारियों के बीच अभ्यास जारी रखा। अब एशियन पैरा गेम्स 2026 में 357.5 अंक के साथ विश्व रिकॉर्ड बनाकर स्वर्ण जीतना उनके संघर्ष और मेहनत की एक और बड़ी उपलब्धि है।
हनी
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हनी की कहानी: 20 साल की उम्र में विश्व रिकॉर्ड, भाला फेंक में भारत को स्वर्ण
हरियाणा के 20 वर्षीय पैरा एथलीट हनी ने कम उम्र में ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना ली है। वह एफ37 वर्ग में प्रतिस्पर्धा करते हैं, जो समन्वय और शरीर की गतिविधियों से जुड़ी समस्याओं वाले खिलाड़ियों की श्रेणी है। हनी रोहतक के राजीव गांधी स्टेडियम में कोच सुनील फोगाट के मार्गदर्शन में अभ्यास करते हैं।
हनी पहले भी एशियन पैरा गेम्स में अपनी प्रतिभा साबित कर चुके हैं। हांगझोऊ में 2022 में आयोजित एशियन पैरा गेम्स में उन्होंने भाला फेंक एफ37/38 स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता था। 2026 के एशियन पैरा गेम्स में उन्होंने एक कदम और आगे बढ़ते हुए 60.49 मीटर का विश्व रिकॉर्ड थ्रो किया और स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
उनकी सफलता यहीं नहीं रुकी। भाला फेंक में स्वर्ण जीतने से दो दिन पहले उन्होंने डिस्कस थ्रो एफ37 स्पर्धा में 57.04 मीटर का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक जीता था। एक ही प्रतियोगिता में दो पदक और भाला फेंक में विश्व रिकॉर्ड हनी की मेहनत और निरंतर प्रगति को दर्शाते हैं।