ये रहेगा महाराज का कार्यक्रम
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, चालदा महासू महाराज 3 दिसंबर को पश्मी गांव से प्रस्थान करने के बाद पहली रात द्राबिल में विश्राम करेंगे। इसके बाद 4 दिसंबर को उत्तराखंड के बायला भरम, 5 दिसंबर को तिलूर खेड़ा और 6 दिसंबर को कांदोई भरम में रात्रि पड़ाव होगा। यात्रा के पांचवें पड़ाव पर महाराज उत्तराखंड के मशक गांव पहुंचेंगे, जहां नवनिर्मित महासू मंदिर में प्रवेश करेंगे। पश्मी स्थित महासू मंदिर के पुजारी आत्माराम शर्मा ने बताया कि चालदा छत्रधारी महासू महाराज पिछले वर्ष दिसंबर में पश्मी गांव पधारे थे। अब महाराज यहां से वापस उत्तराखंड के मशक गांव के लिए प्रस्थान करेंगे।
हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद
उनकी विदाई यात्रा में हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है। यह यात्रा दोनों राज्यों के लोगों की गहरी धार्मिक आस्था और पारंपरिक संबंधों का प्रतीक है। विदाई कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश के उद्योग मंत्री एवं शिलाई क्षेत्र के नौ गांव मस्तभोज के नंबरदार हर्षवर्धन चौहान के भी शामिल होने की बात कही गई है। चालदा महासू महाराज की विदाई यात्रा शिलाई क्षेत्र सहित आसपास के इलाकों के श्रद्धालुओं के लिए विशेष धार्मिक महत्व रखती है। महाराज के प्रस्थान के दौरान जगह-जगह श्रद्धालुओं के जुटने और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ विदाई देने की संभावना है।