मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, सांसद प्रियंका गांधी और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल के साथ धरने में भाग लिया। सीएम शिमला से वीरवार सुबह नई दिल्ली के लिए रवाना हुए।
मतदाता सूची में कथित वोट चोरी और संविधान की रक्षा के मुद्दे को लेकर इंडिया गठबंधन की ओर से नई दिल्ली स्थित राजघाट पर धरने में हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू भी शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, सांसद प्रियंका गांधी और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल के साथ धरने में भाग लिया। सीएम शिमला से वीरवार सुबह नई दिल्ली के लिए रवाना हुए। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि महात्मा गांधी की समाधि राजघाट पर वोट चोरी के खिलाफ और संविधान की रक्षा के लिए आयोजित इस धरने में शामिल होकर उन्होंने लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
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उन्होंने कहा कि गांधी ने सत्य, अहिंसा और जनभागीदारी के माध्यम से देश को लोकतंत्र की राह दिखाई। राजघाट से उन्हीं मूल्यों को स्मरण करते हुए अपनी आवाज बुलंद की गई। सुक्खू ने कहा कि लोकतंत्र में हर नागरिक के मत का महत्व है। इसलिए चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और प्रत्येक मतदाता के मताधिकार की सुरक्षा जरूरी है। उन्होंने कहा कि उनकी लड़ाई संविधान की गरिमा बनाए रखने, लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने, निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने और हर नागरिक के मताधिकार की रक्षा के लिए है।
धरने के दौरान इंडिया गठबंधन के नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाता अधिकारों से जुड़े मुद्दों को उठाया। कांग्रेस नेताओं की ओर से मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाए जाते रहे। इसी मुद्दे को लेकर विपक्षी दलों ने राजघाट पर एकजुट होकर विरोध दर्ज कराया। मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी की समाधि से लोकतंत्र और संविधान से जुड़े मूल्यों की रक्षा का संदेश देना इस कार्यक्रम का महत्वपूर्ण पक्ष है। उन्होंने कहा कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता की भागीदारी और उसके मत की स्वतंत्रता सर्वोपरि है।