राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने शनिवार को दो करोड़ रुपये की कथित रिश्वत के मामले में बड़ी कार्रवाई की। एसीबी ने एसओजी उदयपुर में तैनात अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार सोनी के कथित दलाल सज्जन सिंह जैन उर्फ टाटला को दो करोड़ रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। इसके बाद मुकेश कुमार सोनी को बालोतरा स्थित उनके निवास से हिरासत में लिया गया। मामले में आगे की पूछताछ और जांच जारी है।
एसीबी के डीजी गोविंद गुप्ता ने बताया कि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने कार्रवाई करते हुए SOG के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार सोनी के लिए 2 करोड़ रुपये की रिश्वत लेते उनके कथित दलाल सज्जन कुमार को ट्रैप किया। मुकदमे में मदद करने की एवज में रिश्वत राशि की मांग की जा रही थी। प्रकरण में अग्रिम अनुसंधान जारी है। देर रात तक दो पुलिस अफसर और एक दलाल समेत तीन लोगों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी मिली है। एसीबी टीम ने 2 करोड़ रुपए रिश्वत की रकम की फोटो जारी की है। एसीबी ने बताया कि इसमें 4 लाख रुपए भारतीय मुद्रा और बाकी डमी करेंसी है।
272 भूखंडों के मामले में राहत के नाम पर रिश्वत
एसीबी के अनुसार, मामला उदयपुर नगर निगम के 272 भूखंडों से जुड़े प्रकरण संख्या 97/2022 से संबंधित है। आरोप है कि मामले में पूर्व में गिरफ्तार आरोपियों को राहत दिलाने, अन्य मामलों में आरोपी नहीं बनाने और गिरफ्तारी के दौरान बरामद ऐसे दस्तावेज, जिन्हें जब्त नहीं किया गया था, वापस लौटाने के बदले दो करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी जा रही थी। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने रिश्वत की मांग का सत्यापन कराया। सत्यापन में मांग की पुष्टि होने के बाद शनिवार को ट्रैप कार्रवाई की गई। एसीबी टीम ने परिवादी की फैक्ट्री में सज्जन सिंह जैन को कथित तौर पर दो करोड़ रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा।
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चार लाख रुपये असली, बाकी डमी करेंसी
एसीबी के मुताबिक, मौके से बरामद दो करोड़ रुपये में चार लाख रुपये भारतीय मुद्रा थी, जबकि बाकी रकम डमी करेंसी थी। कार्रवाई के दौरान बरामद रकम की तस्वीरें भी सामने आई हैं। एसीबी के महानिदेशक गोविंद गुप्ता के अनुसार, कार्रवाई एसीबी इंटेलीजेंस यूनिट, उदयपुर की टीम ने पुलिस उपाधीक्षक डॉ. सोनू शेखावत के नेतृत्व में की। टीम ने पहले शिकायत का सत्यापन किया और इसके बाद ट्रैप की कार्रवाई को अंजाम दिया।
मुकेश सोनी की भूमिका संदिग्ध मिलने पर बालोतरा से डिटेन
एसीबी के अनुसार, ट्रैप के दौरान मुकेश कुमार सोनी की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर उन्हें बालोतरा स्थित उनके निवास से हिरासत में लिया गया। उनसे मामले को लेकर पूछताछ की जा रही है। कार्रवाई डीआईजी डॉ. रामेश्वर सिंह के सुपरविजन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गोपालस्वरूप मेवाड़ा के निर्देशन में की गई। टीम में एसीबी इंटेलीजेंस यूनिट, उदयपुर के अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे।
चार साल में दो करोड़ की रिश्वत का दूसरा चर्चित मामला
राजस्थान में दो करोड़ रुपये की रिश्वत से जुड़ा यह मामला पिछले वर्षों में सामने आए एक अन्य चर्चित प्रकरण की वजह से भी चर्चा में है। इससे पहले अजमेर में तत्कालीन एसओजी की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दिव्या मित्तल के खिलाफ दो करोड़ रुपये की रिश्वत मांगने का मामला सामने आया था। हालांकि, उस मामले में 2025 में रिश्वत मांगने से जुड़ा मुकदमा खारिज हो चुका है।
मुकेश कुमार सोनी से जुड़े पुराने मामलों को लेकर भी अलग-अलग आरोप सामने आते रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की वर्तमान एसीबी कार्रवाई से अलग जांच और कानूनी स्थिति है। बताया जा रहा है कि एडिशनल एसपी मुकेश कुमार सोनी पिछली गहलोत सरकार में सीएम के खास रहे एक आईएएस अफसर का करीबी रिश्तेदार है।