फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राजस्थान: सिरोही में नाम वापसी को लेकर विवाद, ग्रामीणों ने आरओ पर लगाए आरोप; निलंबन और जांच की मांग

Tue, 20 Oct 2026 02:52 PM IST
सिरोही ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिरोही

सार

सिरोही जिले में पंचायतीराज चुनाव की नाम वापसी प्रक्रिया को लेकर विवाद सामने आया है। ग्रामीणों का दावा है कि निर्धारित समय से पहले निर्वाचन कार्यालय पहुंचने के बावजूद उनके नाम वापस नहीं हो सके। उन्होंने निर्वाचन अधिकारी पर राजनीतिक दबाव में काम करने के आरोप लगाते हुए निलंबन और निष्पक्ष जांच की मांग की है। निर्वाचन अधिकारी ने आरोपों को खारिज कर प्रक्रिया नियमों के अनुसार पूरी होने की बात कही है।
विज्ञापन
नाम वापसी प्रक्रिया को लेकर विवाद - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राजस्थान के सिरोही जिले में पंचायतीराज चुनाव के दूसरे चरण की नाम वापसी प्रक्रिया को लेकर विवाद सामने आया है। ग्रामीणों का दावा है कि वे निर्धारित समय से पहले निर्वाचन कार्यालय पहुंच गए थे, इसके बावजूद उनके नाम वापस नहीं हो सके। ग्रामीणों ने निर्वाचन अधिकारी की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए राजनीतिक दबाव में काम करने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और निर्वाचन अधिकारी के निलंबन की मांग की है। वहीं, निर्वाचन अधिकारी ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि प्रक्रिया निर्वाचन आयोग के नियमों और दिशा-निर्देशों के अनुसार पूरी की गई।
विज्ञापन


निर्धारित समय से पहले पहुंचने का ग्रामीणों का दावा
ग्रामीणों के अनुसार, पंचायतीराज चुनाव के दूसरे चरण के लिए सोमवार को नाम वापसी की प्रक्रिया निर्धारित थी। उनका दावा है कि वे तय समय से पहले ही निर्वाचन कार्यालय पहुंच गए थे, लेकिन इसके बावजूद उनकी नाम वापसी नहीं हो सकी। इस घटनाक्रम के बाद ग्रामीणों में नाराजगी है। उनका कहना है कि चुनाव जैसी महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सभी प्रत्याशियों को नियमों के तहत समान अवसर मिलना चाहिए और किसी भी प्रत्याशी के साथ पक्षपात नहीं होना चाहिए।

निर्वाचन अधिकारी ने आरोपों को किया खारिज
विवाद पर निर्वाचन अधिकारी ने ग्रामीणों के आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि नाम वापसी की प्रक्रिया निर्वाचन आयोग के निर्धारित नियमों और दिशा-निर्देशों के अनुसार संपन्न कराई गई। निर्वाचन अधिकारी ने किसी तरह के दबाव में काम करने की बात से भी इनकार किया है। ऐसे में ग्रामीणों के दावों और निर्वाचन अधिकारी के पक्ष के बीच विवाद बना हुआ है।
विज्ञापन


राजनीतिक दबाव के आरोप, निलंबन की मांग
ग्रामीणों ने निर्वाचन अधिकारी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मामले में राजनीतिक दबाव की आशंका जताई है। उन्होंने पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि वे निर्धारित समय के भीतर कार्यालय पहुंच गए थे, फिर भी नाम वापसी नहीं हो पाई, तो इसकी परिस्थितियों की जांच की जानी चाहिए। उन्होंने जांच पूरी होने तक निर्वाचन अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी उठाई है।

चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर उठे सवाल
पंचायतीराज चुनाव में नामांकन और नाम वापसी की प्रक्रिया प्रत्याशियों के लिए महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में नाम वापसी को लेकर सामने आए विवाद ने निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए हैं। ग्रामीणों की मांग है कि मामले से जुड़े दस्तावेजों, कार्यालय के रिकॉर्ड और निर्धारित समय से संबंधित तथ्यों की जांच की जाए, ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें