संवाद न्यूज एजेंसी
हलवारा। सिख पंथ के प्रख्यात कथावाचक ज्ञानी पिंदरपाल सिंह लुधियाने वालों ने गुरसर सुधार बाजार में संगत के साथ विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि गुरबाणी केवल धार्मिक उपदेश नहीं है। यह सत्य, सेवा, सिमरन, विनम्रता और आपसी भाईचारे पर आधारित जीवन जीने की प्रेरणा है। उन्होंने संगत से श्री गुरु ग्रंथ साहिब की पावन गुरबाणी को जीवन का आधार बनाने का आह्वान किया। ज्ञानी पिंदरपाल सिंह ने मानवता की सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि सिख धर्म की बुनियाद सर्वजन कल्याण, समानता और निस्वार्थ सेवा पर टिकी है। धर्म इन्सान को इन्सान से जोड़ने की प्रेरणा देता है। यह सत्य के मार्ग पर चलने और दूसरों के दुख-दर्द को समझने का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने धर्म में दृढ़ रहते हुए दूसरे धर्मों का भी सम्मान करना चाहिए। आपसी भाईचारा, अमन-शांति और धार्मिक सद्भाव आज के समाज की महत्वपूर्ण आवश्यकता है।
गुरबाणी का वैश्विक प्रचार
ज्ञानी पिंदरपाल सिंह ने जानकारी दी कि आने वाले दिनों में दुबई और यूरोपीय देशों में उनके गुरमत कथा समागम आयोजित होंगे। इन आयोजनों का उद्देश्य संगत को गुरबाणी के आध्यात्मिक संदेश से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि सिख धर्म की उच्च नैतिक परंपराओं को विश्वभर में पहुंचाना उनका प्रमुख उद्देश्य है। श्री गुरु ग्रंथ साहिब की सर्वसाझी विचारधारा को भी विश्वभर में फैलाया जाएगा।