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Jalandhar News: चन्नी के बाद खली भी अमृतपाल के समर्थन में उतरे

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2027 से पहले पंजाब की पंथक राजनीति में बढ़ी हलचल
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वारिस पंजाब दे के राजनीतिक विस्तार की चर्चा तेज
अमर उजाला ब्यूरो
जालंधर। पंजाब की पंथक राजनीति में सांसद अमृतपाल सिंह खालसा और उनकी जत्थेबंदी वारिस पंजाब दे को लेकर हलचल तेज है। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के बाद अब अंतरराष्ट्रीय पहलवान द ग्रेट खली ने भी अमृतपाल सिंह का समर्थन किया है। खली का यह समर्थन 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है।
वारिस पंजाब दे की शुरुआत पंजाबी अभिनेता दीप सिद्धू ने सितंबर 2021 में पंजाब के अधिकारों के लिए की थी। इसके बाद अमृतपाल ने इस पार्टी में शामिल हुए।वह 2022 में दुबई से पंजाब लौटे और तेजी से चर्चा में आए। दीप सिद्धू के परिवार ने अमृतपाल के नेतृत्व और विचारधारा पर असहमति जताई थी। अमृतपाल सिंह ने 2024 के लोकसभा चुनाव में खडूर साहिब से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा। राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद होने के बावजूद उन्होंने जीत दर्ज की।
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संगठन का विस्तार और नए चेहरे
संगठन ने अपने राजनीतिक विस्तार के लिए विभिन्न क्षेत्रों के सक्रिय नेताओं को जोड़ना शुरू किया है। जून 2026 में दाखा से विधायक मनप्रीत सिंह अयाली अकाली दल वारिस पंजाब दे में शामिल हुए। अयाली पहले शिअद से जुड़े थे और उनका अपना क्षेत्रीय आधार है। अगस्त 2026 में पूर्व अकाली विधायक इकबाल सिंह झुंडा भी संगठन में शामिल हो गए। झुंडा धूरी और अमरगढ़ से विधायक रह चुके हैं।
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खली के समर्थन का महत्व
द ग्रेट खली अंतरराष्ट्रीय कुश्ती और खेल जगत में एक लोकप्रिय चेहरा हैं। ऐसे चर्चित व्यक्ति का अमृतपाल सिंह के समर्थन में सामने आना महत्वपूर्ण हो सकता है। यह संगठन के लिए सार्वजनिक चर्चा और सामाजिक पहुंच के लिहाज से अहम है। हालांकि, किसी चर्चित व्यक्ति का समर्थन अपने आप में चुनावी जनाधार बढ़ने का प्रमाण नहीं होता। फिलहाल, चन्नी के बाद खली के समर्थन की चर्चा ने अमृतपाल सिंह और वारिस पंजाब दे को लेकर पंजाब की पंथक राजनीति में नई बहस शुरू कर दी है।
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