मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के गृह क्षेत्र बुधनी के कोसमी गांव में आदिवासी परिवारों के मकान तोड़े जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। गांव में बारेला आदिवासी समुदाय के 12 परिवारों के मकान तोड़े जाने, खेतों में खड़ी फसल नष्ट होने और कुएं को मिट्टी से भर दिया गया। रविवार को गांव पहुंचे शिवराज सिंह चौहान ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और वन विकास निगम की कार्रवाई पर नाराजगी जताई। वह कार्रवाई के विरोध में धरने पर भी बैठ गए। उन्होंने कहा कि उनके मना करने के बावजूद यह कार्रवाई हुई है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसे अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा।
यह जुल्म की पराकाष्ठा है, ऐसे अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह जुल्म की पराकाष्ठा हैं। ये जो अन्याय है, उसकी जानकारी मुख्यमंत्री महोदय को देना है। सिसकती हुई इनकी सिसकियां, इनकी आंखों के आंसू, इनके कुचले हुए खेत, उनका चौपट किया हुआ भविष्य, सब मुख्यमंत्री को मैं बताऊंगा। यह तो मुख्यमंत्री जी को भी बदनाम करने की साजिश लगती है मुझे। अच्छा ये वो लोग हैं जो हमेशा बीजेपी को ही वोट देते हैं। इन्होंने लोकसभा में भी वोट दिए और विधानसभा में भी दिए। यह तो पार्टी को भी बदनाम करने की कुछ अधिकारियों की साजिश है। इन्हीं के वोट से हम लोग जीतते हैं और इन्हीं के वोट से मोहन जी मुख्यमंत्री बने। यह सचमुच में मेरे लिए बहुत दुखद है। उन्होंने कहा कि मैंने निवेदन किया था कि बरसों से जमीन पर कब्जे हैं इनके, इसलिए इनको तंग ना किया जाए।