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सेहत की बात: आप क्या खाते हैं और कब खाते हैं, दोनों का सेहत पर पड़ता है असर; शुगर-बीपी के मरीज दें ध्यान

Mon, 21 Sep 2026 07:46 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

खाने का समय लगातार बदलना, भोजन छोड़ देना और रात में देर से खाना ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर नियंत्रण को प्रभावित कर सकता है। खासकर डायबिटीज में भोजन और दवा के बीच तालमेल जरूरी होता है। डायबिटीज और बीपी के मरीजों को खान-पान को लेकर सावधानी बहुत जरूरी है।
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खान-पान को लेकर बरतें सावधानी - फोटो : Amarujala.com/AI
शरीर को स्वस्थ और फिट रखने के लिए सभी लोगों को खान-पान में सुधार की सलाह दी जाती है। हम क्या खाते-पीते हैं इसका सेहत पर सीधा असर होता है, यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को ऐसी डाइट लेने की सलाह देते हैं जिससे शरीर को आवश्यक पोषक तत्वों की पूर्ति हो सके।

अच्छी सेहत के लिए पौष्टिक चीजों से भरपूर चीजों की तो जरूरत होती ही है, साथ ही यह भी मायने रखता है कि आप किस समय पर क्या खा रहे हैं? आपके खाने की टाइमिंग क्या है?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अक्सर लोगों को लगता है कि खाने के समय का सेहत पर क्या ही असर होगा? पर असलियत ये है कि खाने के समय में गड़बड़ी मेटाबॉलिज्म से लेकर नींद और ब्लड प्रेशर से लेकर शुगर लेवल सभी को प्रभावित करने वाली हो सकती है?

क्या आपके खान-पान का समय ठीक है?
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डायबिटीज का खतरा - फोटो : Freepik.com
खान-पान में अनियमितता का सेहत पर असर

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सुबह नाश्ता ना करना, दिन में कई घंटे तक भूखे रहना, दिन में कभी बहुत कम तो कभी बहुत ज्यादा खाना और रात में देर से भारी भोजन करना, ये आदतें आज की व्यस्त दिनचर्या में ज्यादातर लोगों के लिए आम हो गई हैं। इसका असर सिर्फ पाचन पर नहीं पड़ता। 
 
  • असल में शरीर की बायोलॉजिकल क्लॉक सीधे तौर पर भोजन, नींद और दिन-रात की गतिविधियों से जुड़ी होती है। जब खाने का समय लगातार बदलता रहता है तो शरीर के शुगर और ऊर्जा को नियंत्रित करने वाले सिस्टम पर भी असर पड़ सकता है।
  • जिन लोगों को पहले से डायबिटीज या हाई ब्लड प्रेशर की समस्या है उनके लिए खान-पान के समय में लगातार रहने वाली अनियमितता सेहत के लिए मुश्किलें बढ़ाने वाली हो सकती है।
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ब्लड प्रेशर की समस्या - फोटो : Freepik.com
ब्लड शुगर पर क्या असर होता है?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जब आपके खाने का समय लगातार बदलता रहता है तो इस आदत का असर आपके ब्लड शुगर लेवल पर भी दिखाई देने लग जाता है। 
 
  • कभी सुबह का नाश्ता न करना तो कभी लंच या डिनर देर से करना आपके लिए मुश्किलें बढ़ाने वाला हो सकता है।
  • डायबिटीज वाले व्यक्ति में यह पैटर्न ब्लड शुगर को कंट्रोल रखना मुश्किल कर सकता है।
  • जिन लोगों की दवा या इंसुलिन भोजन के समय के हिसाब से तय हो, उनमें भोजन की अनियमितता से और भी खतरा हो सकता है। 
  • अध्ययनों में पाया गया है कि भोजन के पैटर्न में अक्सर रहने वाली गड़बड़ इंसुलिन रेजिस्टेंस और दूसरे मेटाबॉलिक समस्याओं का खतरा बढ़ाने वाली हो सकती है।
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खान-पान के समय का रखें ध्यान - फोटो : Freepik.com
ब्लड प्रेशर बढ़ने का जोखिम

दिन के अलग-अलग समय पर मेटाबॉलिज्म का प्रभाव भी अलग-अलग होता है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के विशेषज्ञों के अनुसार भोजन का समय भी इस बायोलॉजिकल क्लॉक से जुड़ा है।
 
  • यही कारण है कि देर से खाना मेटाबॉलिक समस्याओं, डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर जैसे खतरों को बढ़ाने वाला हो सकता है। 
  • रोज रात में देर से या भारी भोजन करना आपकी  नींद और शारीरिक गतिविधियों पर भी असर डाल सकता है, जो सीधे तौर पर ब्लड प्रेशर को बढ़ाने वाली हो सकती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, भोजन की पौष्टिकता पर ध्यान रखने के साथ-साथ भोजन करने के समय पर भी ध्यान देते रहना जरूरी है। बहुत ज्यादा मीठा, नमकीन, तला हुआ या अत्यधिक कैलोरी वाली चीजें खाने से बचें। इसके अलावा रोज एक ही समय पर भोजन की आदत बनाएं, शाम को 7-8 बजे के पहले डिनर कर लें। ये ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर दोनों को कंट्रोल रखने में मददगार हो सकता है। 



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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