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Bigg Boss 14: इसलिए जैस्मीन ने खींच रखी है अपने आसपास 'लक्ष्मण रेखा', अमर उजाला से बातचीत में किया खुलासा

Sat, 03 Oct 2020 10:53 PM IST
Avinash Pal अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
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जैस्मिन भसीन - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
निर्माता एकता कपूर की चर्चित टीवी फ्रेंचाइजी 'नागिन' के चौथे सीजन 'भाग्य का जहरीला खेल' में अहम भूमिका निभाने वालीं अभिनेत्री जैस्मिन भसीन भी रियलिटी शो 'बिग बॉस' के 14वें सीजन की एक प्रतियोगी हैं। उन्होंने अब तक बाहर से ही इस शो का विश्लेषण किया है लेकिन अब वह खुद अंदर से अपने मानवीय स्वभाव को जानेंगी। अपने करियर के हर फैसले में जैस्मिन को अपने परिवार का समर्थन मिला है और इस शो के लिए भी वह अपने परिवार से ही आशीर्वाद लेकर आई हैं। अमर उजाला ने खास बातचीत में जैस्मिन से उनके सफल हो सकने का मंत्र जाना।
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जैस्मिन भसीन - फोटो : Instagram: @jasminbhasin2806
आपको बिग बॉस के घर में रहने वालों की खासियत क्या नजर आती है?
बिग बॉस के घर में रहने वाले प्रतियोगियों का असली स्वभाव पता चलता है। वहां रहकर असली इंसान सामने आता है। अक्सर जो टीवी पर दिखावा करते हुए लोग नहीं समझ पाते, वह बिग बॉस के घर में पता चलता है। वहां पता चलता है कि हर किसी को भूख लगती है, लड़ाइयां करते हैं, चिड़चिड़ा हट होती है, जलन होती है। वह सब कुछ होता है जो किसी दूसरे इंसान को होता है। यही मानव स्वभाव है। 
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जैस्मिन भसीन - फोटो : Instagram: @jasminbhasin2806
आपकी ताकत क्या है जो बिग बॉस के घर में आपके काम आएगी?
(हंसते हुए) मेरी ताकत…! ताकत तो मेरी यही है कि मेरे आस-पास एक सीमा है जिसे मैं लोगों को पार नहीं करने देती। इस इंडस्ट्री में काम करते हुए मुझे कई साल बीत गए हैं लेकिन इस दौरान मैंने कुछ गिनती के चार या पांच दोस्त ही बनाए हैं जो उस सीमा को पार कर सकते हैं और मेरे करीब आ सकते हैं। मेरी यही ताकत है कि मैं अपने आसपास एक सीमा बना कर रखती हूं जिसे मैं किसी को भी पार नहीं करने देती। वैसे मैं सबके लिए अच्छी हूं लेकिन मैं किसी को मौका नहीं देती कि कोई मेरे पास आए और मुझे शारीरिक या फिर मानसिक रूप से प्रभावित कर सके। 

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जैस्मिन भसीन - फोटो : Instagram: @jasminbhasin2806
आपके वह दोस्त कौन हैं जो उस सीमा को पार कर सकते हैं और आपके करीबी हैं?
ऐसे मेरे कई सारे दोस्त हैं। अर्चना है, पंकज है और तीन-चार लोग टेलीविजन की दुनिया से भी हैं। सीमा लांघने का मतलब यह है कि कौन मेरे सबसे ज्यादा गरीब है? कौन मेरी छुट्टियों के दिनों में साथ रहते हैं? खास दिनों पर साथ रहते हैं? त्योहारों पर हम खुशियां साथ बांटते हैं? और कौन मेरे व्यक्तिगत जीवन का हिस्सा हैं? ये सारे काम मेरे कुछ ही दोस्तों के साथ होते हैं।
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जैस्मिन भसीन - फोटो : Instagram: @jasminbhasin2806
बिग बॉस के घर में दूसरे प्रतियोगी अपनी रणनीति बनाएंगे। वहां भी गुटबाजी चलती है। तो, उससे निपटने के लिए आपने क्या तैयारियां की हैं?
जी, जैसी स्थिति बनेगी, उसी हिसाब से उसमें ढल जाएंगे। कोई रणनीति स्थिति को समझने से पहले तो नहीं बनाई जा सकती। कोशिश करूंगी कि जैसी मैं हूं, वैसी ही रहूं। उस खेल में मैं अपने आप को कुछ और बनाकर पेश करने से कहीं ऐसा न हो कि कहीं मैं खुद ही खो जाऊं। मेरी कोशिश रहेगी कि अब तक मैंने अपनी जिंदगी के 30 साल जिस तरह काटे हैं, ये कुछ हफ्ते भी मैं उसी छवि के साथ बिताऊं। क्योंकि, आज तक मैंने अपने आप से जो भी फैसले लिए हैं, वह सब सही ही हुए हैं।
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जैस्मिन भसीन - फोटो : Instagram: @jasminbhasin2806
क्या आज तक अपनी जिंदगी के सारे फैसले आपने खुद ही लिए हैं?
फैसले मेरे ही होते हैं लेकिन उसमें मेरे परिवार का मुझे पूरा साथ मिलता है। मेरे परिजन जानते हैं कि मैं उनसे कितनी जुड़ी हुई हूं और मैं उनसे बहुत प्यार करती हूं। मेरा कोई भी फैसला उन सब को ध्यान में रखकर और उनकी महत्ता को दिमाग में रखकर ही लिया जाता है। हमारा संयुक्त परिवार है जिसमें मेरे माता-पिता और छोटे भाई के अलावा मेरी दादी और मेरे चाचा अपने परिवार के साथ ही रहते हैं। मेरे पिताजी प्रॉपर्टी का बिजनेस करते हैं और मेरी माता जी एक अध्यापिका हैं। अब मेरा भाई भी नौकरी करने लगा है। वह गुरुग्राम में एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम करता है।
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जैस्मिन भसीन - फोटो : Instagram: @jasminbhasin2806
आपके माता-पिता 'बिग बॉस' से परिचित तो होंगे ही! जब उन्हें पता चला कि उनकी बेटी इस शो का हिस्सा बनने जा रही है तो उनकी क्या प्रतिक्रिया रही?
उनको अपनी बेटी पर हमेशा से बहुत गर्व रहा है। उन्होंने मुझे मेरे सभी फैसलों में पूरा समर्थन दिया है। क्योंकि, उन्हें मुझ पर भरोसा भी है। उन्हें पता है कि मैं जो कुछ भी करूंगी, वह सही ही करूंगी। और फिर माता-पिता अपने बच्चों का तो हमेशा साथ देते ही हैं। जब बच्चा कोई गलती भी कर देता है, तब भी आपके माता-पिता आपका साथ नहीं छोड़ते। जब उन्हें पता चला कि मैं बिग बॉस का हिस्सा बनने जा रही हूं तो उन्होंने इसके लिए भी मुझे ऑल द बेस्ट ही बोला।

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जैस्मिन भसीन - फोटो : Instagram: @jasminbhasin2806
आप कोटा से हैं और वहां लोग इंजीनियरिंग और मेडिकल की तैयारी करते हैं। तो, क्या यह तैयारी आपने भी कीं?
जी नहीं। मेरे पास 11वीं और 12वीं कक्षा में कॉमर्स कंप्यूटर विषय हुआ करता था। (हंसते हुए) मेरा कभी इस तरफ ध्यान ही नहीं रहा कि मैं कोई डॉक्टर या फिर इंजीनियर बन जाऊं। इसके लिए गणित और भौतिक विज्ञान अच्छा होना चाहिए। लेकिन मेरा हाल ऐसा था कि गणित में मैं मर मर कर पास हुआ करती थी। और डॉक्टर बनने के लिए भी काफी है पढ़ाई करनी पड़ती है इसलिए मैंने कॉमर्स कंप्यूटर ही ले लिया। जिस विषय में मैं रट्टा मार कर और थोड़ी बहुत अपनी समझ से लिख सकती थी, मुझे वही विषय पसंद आता था। इसके अलावा जहां भी थोड़ा लॉजिक और कुछ अलग दिमाग लगाने की जरूरत पड़ती थी, उसी विषय में मैं पीछे रह जाती थी। 

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जैस्मिन भसीन - फोटो : Instagram: @jasminbhasin2806
परिवार का समर्थन मिलने की बात है तो जब आप अभिनय को चुन रही थीं, उस वक्त आपको अपने परिवार से कितना समर्थन मिला?
मेरे परिवार का अभिनय की दुनिया से कहीं दूर दूर तक कोई लेना देना नहीं है। मेरी दादी मां जिंदगी भर एक अध्यापिका रहीं और मेरी माता जी इस समय एक अध्यापिका हैं। मैं छोटे शहर से आती हूं और मेरा परिवार भी पुराने ख्यालात का है। उनकी सोच भी रूढ़िवादी ही है। मैंने तो खुद भी कभी नहीं सोचा था कि मुझे एक अभिनेत्री बनना है। यह तो शायद सिर्फ मेरे भाग्य में ही लिखा था। कुछ अलग घटनाएं घटीं। मुझे ऑफर मिलना शुरू हुए। मैंने उसके लिए कोशिश की, फिर भी मेरे दिमाग में कहीं न कहीं संदेह था। लेकिन, मैंने सोचा कि शायद यही किस्मत का इशारा है। तो, फिर मैंने यही सोच कर इस इंडस्ट्री में कदम रख दिया और आज मुझे लगता है कि मैंने यह अच्छा ही किया। और, इस फैसले में भी मेरा परिवार मेरे साथ ही था।
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जैस्मिन भसीन - फोटो : Instagram: @jasminbhasin2806
इंडस्ट्री में काम करने की आपकी शर्ते क्या रहीं जिनसे आपने कभी समझौता नहीं किया?
मेरा शुरुआत से ही रहा है कि मैं जैसी हूं, वैसी ही बने रहना चाहती हूं। मैं किसी के लिए अपने आप को बदल नहीं सकती। मुझे लगता है कि जिस काम को करने के लिए मेरा दिल गवाही नहीं देता और मैं अपने आप को असहज महसूस करती हूं तो मैं किसी भी शर्त पर वह काम नहीं करूंगी। मेरा दूसरा सिद्धांत यह भी रहा है कि जब भी मैं काम करने के लिए जाती हूं तो अपना घमंड घर पर ही छोड़ देती हूं। लेकिन, अपना आत्मसम्मान हमेशा अपने साथ ही रखती हूं। मैं अपने आत्मसम्मान के साथ कभी भी कोई समझौता नहीं कर सकती। तो, ये दोनों मेरे हमेशा से दो महत्वपूर्ण सिद्धांत रहे हैं, जिन्हें में कभी नहीं छोड़ सकती।
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