Astrology Predictions On Agnikand
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आखिर क्यों देश-दुनिया में बढ़ रहे हैं अग्निकांड ?
वर्तमान में विक्रम संवत 2083 जारी है, जिसे 'रौद्र संवत्सर' के नाम से जाना जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार 60 संवत्सरों का एक चक्र होता है और प्रत्येक संवत्सर का अपना अलग स्वभाव एवं प्रभाव माना जाता है। ऐसे में लगभग 60 वर्षों बाद एक बार फिर यह रौद्र संवत्सर लौटकर आया है। इसके नाम से ही इसके अर्थ और प्रभाव का अनुमान लगाया जा सकता है।
बता दें, 'रौद्र' शब्द भगवान शिव के उग्र रुद्र स्वरूप से जुड़ा हुआ माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र में यह संवत्सर तेज ऊर्जा, देश-दुनिया में अचानक परिवर्तन, कार्यों के लेकर संघर्ष और कई चुनौतियों से जोड़ा जाता है। बड़ी बात यह है कि, इसके प्रभावी होने पर अग्नि तत्व से जुड़ी घटनाएं, जैसे आग लगना, विस्फोट, तापमान में असामान्य परिवर्तन और प्राकृतिक असंतुलन अधिक देखने को मिल सकते हैं। इसलिए लगातार देश-दुनिया में अग्निकांड जैसी घटनाएं देखी जा रही हैं।