सलखनिया में खेतों तक पहुंचा 20 हाथियों का झुंड
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के जंगलों से जंगली हाथियों के गांवों और खेतों के नजदीक पहुंचने का सिलसिला लगातार जारी है। गुरुवार रात करीब 20 जंगली हाथियों का झुंड सलखनिया के जंगल से निकलकर गांव से लगे खेतों तक पहुंच गया। झुंड में छोटे हाथी भी शामिल थे। हाथियों के खेतों में पहुंचने की सूचना मिलते ही बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के सहयोग से हाथियों को सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर वापस भेजने का अभियान शुरू किया।
बताया गया कि हाथियों के झुंड ने खेतों में पहुंचकर करीब एक एकड़ क्षेत्र में खड़ी फसल को नुकसान पहुंचाया। हाथियों को खेतों से दूर करने के लिए ट्रैक्टर, हूटर, शोर और टॉर्च की रोशनी का इस्तेमाल किया गया। करीब चार घंटे तक चले अभियान और लगातार निगरानी के बाद हाथियों का झुंड खेतों से निकलकर वापस जंगल की ओर चला गया। इस दौरान टीम ने ग्रामीणों को हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की समझाइश भी दी।
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फसल नुकसान का होगा आकलन
हाथियों के खेतों में पहुंचने से हुए फसल नुकसान का आकलन राजस्व विभाग की टीम द्वारा किया जाएगा। राजस्व विभाग की जांच और आकलन के बाद नियमानुसार मुआवजे की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। वन विभाग की टीम फिलहाल हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए है।
शाम होते ही बढ़ती है हाथियों की निगरानी
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में जंगली हाथियों की मौजूदगी अब लगातार बनी हुई है। शाम और रात के समय हाथियों के झुंड जंगल से निकलकर आसपास के गांवों और खेतों की ओर पहुंच जाते हैं। ऐसी स्थिति को देखते हुए टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने संवेदनशील क्षेत्रों में शाम के समय विशेष गश्त बढ़ाई है। टीम हाथियों की लोकेशन और उनके आवागमन पर लगातार नजर रख रही है, ताकि समय रहते ग्रामीणों को सतर्क किया जा सके।
ग्रामीणों को उपलब्ध कराई गईं 80 टॉर्च
पनपथा बफर के परिक्षेत्र अधिकारी प्रतीक श्रीवास्तव ने बताया कि हाथियों की लगातार निगरानी की जा रही है। शाम के समय विशेष गश्त कर टीम हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखती है। ग्रामीणों को हाथियों को सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर भगाने में मदद के लिए करीब 80 टॉर्च उपलब्ध कराई गई हैं। टीम और हाथी दल क्षेत्र में लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
वन विभाग की कोशिश है कि हाथियों और ग्रामीणों के बीच किसी तरह का टकराव न हो। इसके लिए हाथियों की गतिविधियों की जानकारी मिलते ही टीम मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों के सहयोग से उन्हें आबादी और खेतों से दूर रखने का प्रयास कर रही है।