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इंदौर : इंदौर में भाजपा अब चुनावी मोड में, अगले साल होना है नगर निगम चुनाव

Thu, 24 Sep 2026 08:09 AM IST
Abhishek Chendke न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

नगरीय निकाय चुनाव की आहट के साथ इंदौर में सियासी सरगर्मी बढ़ने लगी है। भाजपा जहां विकास कार्यों को चुनाव से पहले पूरा कराने के लिए जोर लगा रही है, वहीं कांग्रेस लंबे समय से भाजपा के कब्जे में रही परिषद में सेंध लगाने की तैयारी में है।
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इंदौर नगर निगम। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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इंदौर में अगले नगरीय निकाय चुनाव होंगे। इसके चलते भाजपा अब चुनावी मोड में आ चुकी है। एक साथ कई काम शुरू किए गए हैं, जो चुनाव से पहले पूरे होने की उम्मीद है। इस बार कांग्रेस को भी अपनी सीटें बढ़ने की उम्मीद है, क्योंकि 25 साल से इंदौर में भाजपा की परिषद है।

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कांग्रेस नेताओं का कहना है कि भाजपा पार्षदों के खिलाफ एंटी-इनकम्बेंसी फैक्टर काम कर रहा है। इसका फायदा कांग्रेस को मिलेगा। पिछली बार मेयर सीट सामान्य वर्ग के महापौर पद के लिए हुई थी। इस बार फिर सीटों का आरक्षण होगा। पिछली बार भाजपा ने मेयर पद पर युवा चेहरे पुष्यमित्र भार्गव को उम्मीदवार बनाया था। आरक्षण की स्थिति साफ होने के बाद महापौर पद के दावेदार सामने आ सकते हैं।

25 सड़कों के काम एक साथ

इंदौर में मास्टर प्लान की 23 सड़कों के काम एक साथ 400 करोड़ रुपये की लागत से शुरू किए गए हैं। इसके अलावा दो अन्य बड़ी सड़कों का निर्माण भी हो रहा है। नगर निगम ने शहर में सफाई व्यवस्था बरकरार रखी और कई नए प्रयोग भी किए गए। भाजपा के खाते में पांच साल में सबसे बड़ी उपलब्धियों के तौर पर 300 करोड़ रुपये की लागत से जलूद में बने सोलर प्लांट और नर्मदा के चौथे चरण के काम की शुरुआत जैसे काम हैं। सड़कों के चौड़ीकरण को लेकर मकान टूटने से रहवासी नाराज भी हैं।
 

भागीरथपुरा दूषित पेयजल कांड, घोटाले भी हुए

भाजपा की परिषद में नगर निगम में भागीरथपुरा दूषित पेयजल कांड हुआ, जिसमें 35 लोगों की मौत हो गई। इसका मामला भी कोर्ट में चल रहा है। नर्मदा लाइन में गंदा पानी मिलता रहा है और बस्ती में बीमारियां फैलीं। इसके अलावा ड्रेनेज लाइन घोटाला भी हुआ। 100 करोड़ रुपये से ज्यादा के कामों की फाइल मंजूर हो गई, पैसा भी निगम के खजाने से निकला, लेकिन मौके पर काम नहीं हुए। इंदौर में नेहरू स्टेडियम के स्थान पर नया स्टेडियम बनना था। वह भी नहीं बन सका।

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