पन्ना में बाघों की संख्या करीब 100 के करीब पहुंच गई।
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पन्ना में बाघों की संख्या करीब 100 और नौरादेही में 25 से ज्यादा हो गई
प्रदेश के वन बल प्रमुख शुभरंजन सेन के मुताबिक, रिवाइल्डिंग के इस प्रयोग की सफलता यह है कि जिन इलाकों में एक समय बाघों की संख्या लगभग खत्म हो गई थी, वहां दोबारा बाघों की आबादी स्थापित करने में मदद मिली। पन्ना में बाघों की संख्या करीब 100 और नौरादेही में 25 से ज्यादा हो गई है।
पन्ना और नौरादेही ऐसे क्षेत्र रहे हैं, जहां एक समय बाघों की संख्या लगभग शून्य के करीब पहुंच गई थी। यहां अनाथ बाघिनों और शावकों के जोड़ों को उपयुक्त परिस्थितियों में छोड़ा गया। इसके बाद इन क्षेत्रों में बाघों की संख्या बढ़ाने में सफलता मिली। इस मॉडल का मकसद केवल बाघों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर छोड़ना नहीं है। असली लक्ष्य ऐसे बाघ तैयार करना है, जो नए जंगल में खुद शिकार कर सकें, इंसानों से दूरी बनाए रखें और अपना क्षेत्र बना सकें।
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