पीड़ित परिवारों से मिले सीएम योगी।
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राजधानी में बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर सीएम योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को बाढ़ प्रभावितों को राहत शिविरों में पहुंचाने के निर्देश दिए। सीएम ने कहा, शिविरों में गए परिवारों के खाली घरों की सुरक्षा के लिए पुलिस, होमगार्ड, पीआरडी और चौकीदार रात में गश्त करेंगे। बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य केंद्रों पर एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध रहेगा। कुत्ते या अन्य जानवर के काटने पर एंटी रेबीज इंजेक्शन भी मिलेगा। प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल और पशु चिकित्सा शिविर भी लगाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को 26 जरूरी वस्तुओं वाली राहत किट दी जा रही है। इसमें 10 किलो चावल, 10 किलो आटा, 10 किलो आलू, दो किलो अरहर दाल, एक लीटर तेल, नमक, मसाले और बरसाती जैसे सामान शामिल हैं। राहत शिविरों में बिजली न होने पर पेट्रोमैक्स और सोलर लाइट की व्यवस्था होगी।
रक्षा मंत्री ने फोन कर ली जानकारी
रक्षा मंत्री व शहर सांसद राजनाथ सिंह ने सोमवार सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को फोन कर राजधानी में बाढ़ की स्थिति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने बताया कि पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, सीतापुर और नेपाल में हुई बारिश से गोमती का जलस्तर बढ़ा है। पिछले 10 दिनों में प्रदेश के 50 से अधिक जिलों में भारी बारिश हुई है। इससे बीकेटी, लखनऊ उत्तर और फैजुल्लागंज से नैमिष तक बाढ़ जैसे हालात बने हैं।