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सागर जहरीली शराब कांड: 11 लोगों के मौत की हुई पुष्टि, 20 लोगों पर मामला हुआ दर्ज; आबकारी विभाग पर भी एक्शन

Sun, 06 Sep 2026 08:27 PM IST
हिमांशु सिंह बघेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सागर

सार

सागर जहरीली शराब कांड: मध्य प्रदेश के सागर जिले की बंडा तहसील में संदिग्ध जहरीली शराब पीने से हड़कंप मच गया है। इस घटना में 11 लोगों की मौत हुई है, जबकि कई लोगों का इलाज चल रहा है। 
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बंडा शराब कांड के बाद अस्पताल पहुंचीं एसीएस रस्तोगी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सागर जिले की बंडा तहसील के ग्राम घूघरा, जालमपुर और बराज सहित आसपास के गांवों में संदिग्ध जहरीली शराब पीने से हड़कंप मच गया है। जहरीली शराब के सेवन से दर्जनों ग्रामीणों की हालत अचानक बिगड़ गई, जिनमें से 11 लोगों की मौत हो चुकी है। डॉक्टरों के अनुसार, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मृतकों का आंकड़ा और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। 
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सागर जहरीली शराब कांड: मरीजों को जिला अस्पताल रेफर किया

जहरीली शराब के सेवन से बीमार लोगों को तत्काल इलाज के लिए सिविल अस्पताल बंडा लाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। बंडा अस्पताल में प्राथमिक इलाज के बाद जिन मरीजों की हालत अधिक चिंताजनक बनी हुई है, उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए जिला अस्पताल सागर रेफर किया जा रहा है।

सागर जहरीली शराब कांड: नौराज और गूगरा खुर्द पहुंचे अधिकारी

ग्राम नौराज और गूगरा खुर्द में अवैध जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के बाद सागर कमिश्नर, आईजी, कलेक्टर और एसपी  मौके पर मौजूद हैं। अधिकारियों ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और अस्पताल में भर्ती मरीजों के इलाज की व्यवस्था देखी। अधिकारियों ने अवैध शराब कारोबारियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। प्रथम दृष्टया एहतियात के तौर पर क्षेत्र की छह शराब दुकानों को सील कर दिया गया है और तत्काल सैंपलिंग कराने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि जिन लोगों ने शराब का सेवन किया है और उन्हें उल्टी, सिरदर्द या बुखार जैसे लक्षण महसूस हो रहे हैं, वे एहतियात के तौर पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर अपनी जांच कराएं।
 

सागर जहरीली शराब कांड: डिप्टी सीएम ने जताया दुख

उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा - फोटो : PTI
उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने सागर में हुई मौतों पर दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि सागर जिले के बंडा शाहगढ़ क्षेत्र में शराब पीने के कारण कुछ लोगों की मृत्यु का समाचार अत्यंत दुःखद है। मैंने जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से विस्तृत जानकारी ली है। आबकारी आयुक्त मौके पर पहुंच रहे हैं। हादसे के पीछे कोई भी व्यक्ति जिम्मेदार हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा। माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी ने भी कड़ी कार्रवाई के निर्देश प्रदान किए हैं। सरकार इस मामले में सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। मेरी गहरी संवेदनाएं प्रभावित जन के साथ हैं।

सागर जहरीली शराब कांड: पटवारी ने सरकार से पूछा- किसका संरक्षण?

पीसीसी चीफ जीतू पटवारी - फोटो : ANI
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सागर जिले से फिर जहरीली शराब के तांडव की खबरें हैं! जिले के बंडा ब्लॉक के घूघर, नौराज, बराज और करीबी गांवों में जहरीली शराब पीने से प्रारंभिक तौर पर करीब 14 लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की सूचना मिल रही है! मुख्यमंत्री जी, मैंने पहले भी इसी सागर जिले में जहरीली शराब कारोबार को मिल रहे सरकारी संरक्षण पर सवाल उठाए थे! मेरा फिर से मेरा सीधा सवाल है! जहरीली शराब का कारोबार किसके संरक्षण में है? शराब माफिया बेखौफ क्यों हैं? गरीबों की जान जाने के बाद ही सरकार क्यों जागती है? पूरे मामले की तत्काल उच्चस्तरीय जांच हो! जिम्मेदार लोगों और उन्हें संरक्षण देने वाले अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई हो! मृतकों के परिवारों को तत्काल उचित आर्थिक सहायता मिले! पूरे क्षेत्र में अवैध शराब के नेटवर्क के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की जाए।

Sagar Toxic Liquor Case: सीएम बोले- सख्त से सख्त कार्रवाई करेंगे

सीएम डॉ मोहन यादव - फोटो : IANS/ANI
सागर में जहरीली शराब से हुई मौतों पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि मैंने संबंधित मंत्री और अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए हैं। हम इस मामले में सख्त से सख्त कार्रवाई करेंगे और जांच कराएंगे। हमारी सरकार इस तरह की घटनाओं को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगी।
 

Sagar Toxic Liquor Case: पूर्व विधायक तरवर लोधी बोले- प्रशासन की नाक के नीचे चल रहा अवैध कारोबार

पूर्व विधायक तरवर सिंह लोधी - फोटो : Amar Ujala
पूर्व विधायक तरवर सिंह लोधी ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि शराब के अधिकृत विक्रेता ही खुलेआम यह जहरीली शराब बिकवा रहे हैं और यह सब स्थानीय प्रशासन की नाक के नीचे हो रहा है। लोधी का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी के कारण ही इतना बड़ा अवैध कारोबार फल-फूल रहा है।

सागर जहरीली शराब कांड: अवैध शराब का कारोबार कब रुकेगा?

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने जहरीली शराब से हुई मौतों पर कहा कि सागर में जहरीली और अवैध शराब ने 11 लोगों की जान ले ली, जबकि 25 से अधिक लोग अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। मौतों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका है। शराब पीने के बाद लोगों का शरीर नीला पड़ना और कुछ ही देर में मौत हो जाना बेहद भयावह है। यह सिर्फ हादसा नहीं, बल्कि सरकार की नाक के नीचे चल रहे अवैध शराब के कारोबार और प्रशासनिक लापरवाही का गंभीर सवाल है। इससे पहले भी उज्जैन से नकली शराब का मामला सामने आ चुका है। आखिर मध्य प्रदेश में अवैध शराब का कारोबार कब रुकेगा? किसके संरक्षण में यह जहरीला कारोबार फल-फूल रहा है? सीएम डॉ मोहन यादव जी, अब सिर्फ बयानबाजी नहीं चलेगी। मौतों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका को देखते हुए तत्काल एक उच्चस्तरीय जांच टीम बनाकर सागर भेजिए, ताकि आगे होने वाली मौतों को रोका जा सके। साथ ही मृतकों के परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता और हर संभव मदद दी जाए। तत्काल उच्चस्तरीय जांच कराइए, जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय कीजिए और दोषियों पर ऐसी कड़ी कार्रवाई कीजिए कि दोबारा किसी परिवार का चिराग न बुझे। अब और कितनी जानें जाने का इंतजार करेगी सरकार? जवाब देना होगा।
 

सागर जहरीली शराब कांड: सागर-छतरपुर हाईवे पर चक्काजाम

सागर जहरीली शराब कांड - फोटो : Amar Ujala
सागर में जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई है। घटना के विरोध में आक्रोशित ग्रामीणों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सागर-छतरपुर मुख्य हाईवे पर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासनिक लापरवाही और अवैध शराब कारोबारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, जिससे मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।

प्रदर्शन स्थल पर मौजूद कांग्रेस नेताओं ने स्थानीय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस का दावा है कि मौतों का आंकड़ा 14 से 15 तक पहुंच चुका है, लेकिन प्रशासन मामले को दबाने और असली आंकड़े छुपाने का प्रयास कर रहा है। नेताओं का कहना है कि प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत के बिना इस तरह का अवैध शराब का कारोबार संभव नहीं है। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि पीड़ितों को न्याय और उचित मुआवजा नहीं मिला तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

प्रशासनिक रुख और जांच के आदेश
मामले की सूचना मिलते ही वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी भारी बल के साथ मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास शुरू किया। जिला प्रशासन के अनुसार, पूरे मामले की गहन जांच कराई जा रही है। मौतों की वास्तविक वजहों का पता लगाने के लिए स्वास्थ्य और आबकारी विभाग की टीमों को सक्रिय कर दिया गया है। अधिकारियों ने भरोसा दिया है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सागर जहरीली शराब कांड: पुलिस नेे 12 संदिग्धों को हिरासत में लिया

जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले में पुलिस की प्रारंभिक जांच में उत्तर प्रदेश के ललितपुर का कनेक्शन सामने आया है। जांच के मुताबिक, नकली शराब पर फर्जी रैपर, सील-ढक्कन और QR कोड लगाकर उसे सागर के सीमावर्ती गांवों में सप्लाई किया जाता था। जिला कलेक्टर ने 10 मौतों की पुष्टि की है, जबकि पुलिस ने 12 संदिग्धों को हिरासत में लेकर स्थानीय नेटवर्क की तलाश शुरू कर दी है।

सागर जहरीली शराब कांड: पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह ने निष्पक्ष जांच की मांग उठाई

पूर्व नगरीय प्रशासन मंत्री जयवर्धन सिंह ने सागर में हुई मौतों पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि सागर जिले के बंडा विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों में जहरीली शराब पीने से 14 लोगों की मौत और 10 लोगों के गंभीर रूप से बीमार होने की खबर बेहद दुखद एवं चिंताजनक है। हम राज्य सरकार से मांग करते हैं कि-अवैध जहरीली शराब के पूरे नेटवर्क की उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। इस मामले में लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों पर कठोरतम कार्रवाई की जाए। सभी मृतकों के परिजनों को ₹1 करोड़ का उचित सरकारी मुआवजा दिया जाए व गंभीर रूप से बीमार सभी लोगों का निःशुल्क एवं बेहतर उपचार सुनिश्चित किया जाए। जहरीली शराब के कारोबार में शामिल सभी दोषियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए तथा दोषियों के विरुद्ध हत्या सहित कठोरतम कानूनी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए।
 

सागर जहरीली शराब कांड: पूर्व मंत्री ने सरकार की नाकामी पर सवाल उठाए

कांग्रेस के पूर्व मंत्री सुरेंद्र चौधरी ने सरकार की नाकामी पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की पारदर्शी व निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए और सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं, आम आदमी पार्टी के संयुक्त सचिव लक्ष्मीकांत राज ने सरकार से इस पूरे मामले की सीबीआई (CBI) जांच कराने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि सरकार को मृतकों के आश्रितों को तुरंत 50-50 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान करनी चाहिए।

सागर जहरीली शराब कांड: पीसी शर्मा ने ठोस कार्रवाई की मांग उठाई

पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने शराबबंदी को लेकर कहा कि जहरीली शराब की वजह से इन लोगों की जान गई है। कई लोग अस्पताल में भी भर्ती हैं। इससे पहले गुजरात में भी जहरीली शराब की वजह से लोगों की जान गई थी जिसका अपराधी मध्य प्रदेश से पकड़ा गया था। इसका अर्थ ये है कि इसका स्रोत मध्य प्रदेश है। पहले तो पूरी तरह से शराब को बंद करना चाहिए क्योंकि लोगों की जान जा रही है लेकिन जिन लोगों ने ऐसा किया है कहीं न कहीं सरकार से उनके सूत्र जुड़े होंगे, जिसकी वजह से ये लोग ऐसा काम करते हैं। उनके खिलाफ ठोस कार्रवाई होनी चाहिए।
 

आबकारी विभाग पर गिरी गाज

सागर जिले की बंडा तहसील के ग्राम गोगरा खुर्द, नौरोज और पाटन में नकली शराब पीने से कई लोगों की मौत के मामले में राज्य शासन ने आबकारी विभाग के अधिकारियों पर कार्रवाई की है। आबकारी आयुक्त के आदेश पर उपायुक्त एवं संभागीय फ्लाइंग स्क्वाड प्रभारी नीरजा श्रीवास्तव को मुख्यालय ग्वालियर अटैच किया गया है। वहीं, तीन अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

निलंबित अधिकारियों में सहायक आयुक्त आबकारी सागर कीर्ति दुबे, सहायक जिला आबकारी अधिकारी सागर दिलीप खंडाते और आबकारी उप निरीक्षक वृत्त बंडा प्रोशनी उरेती शामिल हैं। नकली शराब पीने से हुई 10 लोगों की मौत के मामले में यह कार्रवाई की गई है।

दो और पर कार्रवाई

सागर में जहरीली शराब पीने से 10 लोगों की मौत के मामले में गुगरा चौकी प्रभारी पूरण लाडिया तथा बंडा थाना प्रभारी राजेंद्र सिंह कुशवाहा को निलंबित कर दिया गया है।

एसीएस दीपाली रस्तोगी ने दिए बेहतर इलाज के निर्देश

बंडा क्षेत्र में संदिग्ध जहरीली एवं अवैध शराब के सेवन से प्रभावित मरीजों के उपचार और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की जानकारी लेने के लिए अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य दीपाली रस्तोगी बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी) और जिला अस्पताल पहुंचीं। उन्होंने उपचाररत मरीजों और उनके परिजनों से चर्चा कर स्वास्थ्य की स्थिति और उपचार व्यवस्था की जानकारी ली।

बीएमसी के निरीक्षण के दौरान एसीएस रस्तोगी गहन परीक्षण कक्ष में पहुंचीं और उपचाररत मरीजों का हाल जाना। उन्होंने मरीजों से चर्चा कर उनके स्वास्थ्य और उपचार की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने संभागायुक्त अनिल सुचारी और कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल से घटनाक्रम तथा मरीजों के उपचार की स्थिति के संबंध में जानकारी प्राप्त की।

 

गंभीर मरीज को एयरलिफ्ट कर भोपाल एम्स भेजा गया

सागर जिले की बंडा तहसील के ग्राम बमूरा मेडा में जहरीली शराब के सेवन से गंभीर रूप से बीमार हुए एक मरीज को एयरलिफ्ट कर भोपाल स्थित एम्स भेजा गया है। ग्राम बमूरा मेडा निवासी रामप्रसाद, पिता गोविंद लोधी, ने कथित तौर पर जहरीली शराब का सेवन किया था। इसके बाद उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई। स्थानीय स्तर पर उपचार के बावजूद उनकी हालत नाजुक बनी रही। मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल व्यवस्था करते हुए उन्हें बेहतर और उच्च स्तरीय उपचार के लिए एयरलिफ्ट कर भोपाल एम्स रेफर किया।

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जहरीली शराब से बीमार लोगों की संख्या जारी

बंडा विधानसभा क्षेत्र में जहरीली शराब के सेवन से बीमार और इलाजरत लोगों की संख्या प्रशासन ने जारी कर दी है। हालांकि, मृतकों के संबंध में प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक सूची जारी नहीं की गई है। प्रशासन के अनुसार, कुल 59 मरीज बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में इलाजरत हैं। वहीं, 17 मरीजों का जिला चिकित्सालय में और 7 मरीजों का बंडा सिविल अस्पताल में इलाज चल रहा है। इसके अलावा एक गंभीर मरीज को एयरलिफ्ट कर एम्स भोपाल भेजा गया है।

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