कर्नाटक में कांग्रेस को झटका देते हुए जेडीएस ने मंगलवार को बंगलूरू टीचर्स कॉन्स्टिट्यूएंसी को सत्ताधारी पार्टी से छीन लिया, जबकि जेडीएस की सहयोगी भाजपा बाकी तीन विधान परिषद सीटों पर आगे चल रही है। 23 अक्तूबर को जिन तीन और सीटों पर वोटिंग हुई, वे साउथ-ईस्ट ग्रेजुएट्स, वेस्ट ग्रेजुएट्स और नॉर्थ-ईस्ट टीचर्स सीट थीं। इन तीनों सीटों पर अभी भी काउंटिंग चल रही थी।
बिहार विधान परिषद चुनाव में एनडीए चार सीटों पर आगे चल रहा है। वहीं, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) दो सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। बाकी दो सीटों पर एक निर्दलीय उम्मीदवार, भाजपा के बागी उम्मीदवार और जन सुराज ने बढ़त हासिल की है।
पटना की दोनों सीटों पर उसके उम्मीदवार राजद से पीछे चल रहे हैं। जदयू उम्मीदवार नीरज कुमार 18 वोटों से पीछे हैं। वहीं, भाजपा के दिग्गज नेता नवल यादव 300 वोटों से पिछड़ रहे हैं।
बंगलूरू शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा-जेडीएस गठबंधन के उम्मीदवार एपी रंगनाथ, कांग्रेस प्रत्याशी पुट्टन्ना से आगे चल रहे हैं। इसे कांग्रेस के लिए झटके के तौर पर देखा जा रहा है। पुट्टन्ना इस सीट से कांग्रेस के मौजूदा विधान परिषद सदस्य थे। इस बार बंगलूरू शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 81.98 प्रतिशत मतदान हुआ था।
गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना के पहले दौर में भाजपा के ध्रुव त्रिपाठी आगे चल रहे हैं। उन्हें निर्दलीय प्रत्याशी राजीव यादव पर 110 वोटों की बढ़त मिली है। सपा प्रत्याशी संजय त्रिपाठी तीसरे स्थान पर हैं। ध्रुव त्रिपाठी को 3,813, राजीव यादव को 3,703 और संजय त्रिपाठी को 2,744 वोट मिले हैं। कुल 14,000 वोटों में से 920 वोट अवैध पाए गए हैं।
अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार अदिति पोहारे चौथे स्थान पर हैं। उन्हें पहली प्राथमिकता वाले केवल 1,319 वोट मिले। वहीं, महायुति के किरण सरनाइक को 3,903 वोट मिले। शिवसेना के बागी उम्मीदवार श्रीकांत देशपांडे को 2,209 वोट मिले।
पहले दौर में उम्मीदवारों को मिले वोट इस प्रकार हैं। किरण सरनाइक (महायुति) को 3,903, श्रीकांत देशपांडे (शिवसेना के बागी) को 2,209, सुरेश देवकर (निर्दलीय) को 1,582, अदिति पोहारे (कांग्रेस) को 1,319, दत्तात्रेय लहाने (यूबीटी) को 1,169, संगीता शिंदे को 698 और शेखर भोयर को 432 वोट मिले।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव की मतगणना में देरी को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार से तत्काल संज्ञान लेने और परिणामों को पारदर्शी बनाने की मांग की।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया, मतगणना जानबूझकर धीमी कराई जा रही है। हर दौर का परिणाम आधिकारिक तौर पर घोषित नहीं किया जा रहा है और न ही राजनीतिक दलों और मीडिया के साथ जरूरी जानकारी साझा की जा रही है।
उन्होंने कहा, चुनाव आयोग लोकतंत्र का मजाक न बनाए। पार्टी के कार्यकर्ता और पदाधिकारी मतगणना पर नजर बनाए हुए हैं। जीत का प्रमाणपत्र मिलने तक सभी कार्यकर्ता मुस्तैद रहेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जिलाधिकारी या कमिश्नर की ओर से किसी तरह की बेईमानी की कोशिश की गई तो पार्टी आंदोलन करेगी और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराएगी।
उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव में मेरठ की शिक्षक और स्नातक, दोनों सीटों पर भाजपा ने जीत दर्ज की है। शिक्षक सीट पर श्रीचंद शर्मा और स्नातक सीट पर दिनेश गोयल विजयी हुए हैं। दिनेश गोयल ने 13 हजार वोटों के अंतर से जीत हासिल की।
बिहार विधान परिषद चुनाव की मतगणना के बीच मोकामा विधायक अनंत सिंह ने एक बार फिर जीत का दावा किया है। उन्होंने कहा, अभी गिनती शुरू हुई है, वही होगा जो बोले हैं। वहीं, आवास खाली करने के सवाल पर उन्होंने कहा, पार्टी का हर फैसला उन्हें मंजूर है। उन्हें घर खाली करने के लिए एक महीने का समय मिला है।
उन्होंने कहा कि वह तय समय में घर खाली कर देंगे और इसमें कोई दिक्कत नहीं है। अनंत सिंह ने कहा कि जनता मालिक है और वही फैसला लेगी। नई पार्टी बनाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि अभी वह इस बारे में कुछ नहीं बताएंगे।
बिहार विधान परिषद चुनाव की पूर्णिया स्नातक सीट पर तीसरे दौर की गिनती के बाद भाजपा के एनके यादव आगे चल रहे हैं। उन्हें अब तक 7,335 वोट मिले हैं। वहीं, राजद के नितेश कुमार को 4,977 और जन सुराज के रजनीश रंजन को 4,328 वोट मिले हैं। फिलहाल, डॉ. एनके यादव बढ़त बनाए हुए हैं।
जन सुराज की एमएलसी उम्मीदवार दिव्या ज्योति ने विधान परिषद चुनाव की मतगणना में अनियमितताओं का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा, "हम विरोध प्रदर्शन नहीं कर रहे हैं, बल्कि अंदर क्या हो रहा है, इसे शांतिपूर्वक देख रहे हैं। आज सभी उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला होना है, इसलिए हमारे समर्थक बड़ी संख्या में यहां जुटे हैं।" उन्होंने चुनाव से जुड़े दस्तावेजों को संभालने के तरीके पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के फॉर्म 16 की अतिरिक्त प्रतियां बाहर से मतगणना केंद्र के अंदर क्यों लाई जा रही थीं।
दिव्या ज्योति ने कहा, "फाइलों के पांच बंडल अंदर ले जाए जा रहे थे। हमारे समर्थकों ने उन्हें गेट पर ही रोक दिया। हमारे विरोध के बाद फाइलों को वापस ले जाया गया। दबाव पड़ने पर जब फाइलें खोली गईं, तो उनमें स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के फॉर्म 16 मिले। जब मतगणना के दौरान फॉर्म 16 का मिलान केंद्र के अंदर किया जाना है, तो इसकी अतिरिक्त प्रति बाहर से अंदर क्यों लाई जा रही थी? इससे निर्वाचन आयोग और प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठते हैं।"
कर्नाटक विधान परिषद की चार सीटों के लिए मंगलवार को मतगणना जारी है। इन सीटों पर सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी भाजपा-जद (एस) गठबंधन के बीच सीधा मुकाबला है। इन चुनावों को भाजपा-जद (एस) गठबंधन के बीच तालमेल और स्नातक व शिक्षक मतदाताओं के बीच सत्तारूढ़ कांग्रेस के जनाधार की परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है।
भाजपा ने दक्षिण-पूर्व स्नातक, पश्चिम स्नातक और उत्तर-पूर्व शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में उम्मीदवार उतारे हैं। वहीं, उसकी सहयोगी जद (एस) बंगलूरू शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव लड़ रही है। भाजपा के पास फिलहाल इन चार में से तीन सीटें हैं और वह उन्हें बरकरार रखने की कोशिश कर रही है। वहीं, जद (एस) की नजर बंगलूरू शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र को कांग्रेस से छीनने पर है। इन चुनावों से यह भी पता चलेगा कि दोनों गठबंधन सहयोगी एक-दूसरे के उम्मीदवारों के पक्ष में अपने समर्थन को कितना प्रभावी ढंग से स्थानांतरित कर पाते हैं।
महाराष्ट्र विधान परिषद की पांच सीटों के लिए मंगलवार को मतगणना जारी रही। इन चुनावों में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन और विपक्षी महा विकास अघाड़ी (एमवीए) के बीच मुकाबला है। महायुति में भाजपा, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और सुनेत्रा पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) शामिल हैं। वहीं, विपक्षी महा विकास अघाड़ी में कांग्रेस, शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) शामिल हैं। दोनों गठबंधनों ने सभी पांच सीटों पर चुनाव लड़ा।
महाराष्ट्र विधान परिषद की पांच सीटों के लिए मंगलवार को मतगणना शुरू हो गई। इन चुनावों के नतीजों से भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन के सामने आंतरिक असंतोष से निपटने की चुनौती और विपक्षी महा विकास अघाड़ी (एमवीए) की सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर मतभेदों का फायदा उठाने की कोशिशों का आकलन होगा।
तीन स्नातक और दो शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में कुल 182 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। इन पांचों निर्वाचन क्षेत्रों में कुल 10,68,072 पंजीकृत मतदाता हैं। 23 अक्टूबर को हुए मतदान में सभी निर्वाचन क्षेत्रों में कुल मिलाकर लगभग 72.96 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। इसके लिए 2,419 मतदान केंद्र बनाए गए थे।
बागी उम्मीदवारों की मौजूदगी, गठबंधन सहयोगियों के बीच अलग-अलग हितों और दोनों खेमों में मतभेदों के कारण इन चुनावों पर नजर बनी हुई है। मतगणना के नतीजों से पांचों निर्वाचन क्षेत्रों के प्रतिनिधियों का फैसला होगा। साथ ही, इनसे स्नातक और शिक्षक मतदाताओं के बीच विभिन्न राजनीतिक दलों की स्थिति का भी संकेत मिलेगा।
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतगणना जारी है। इन सीटों में पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। अधिकारी के मुताबिक, लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ, झांसी, बरेली और गोरखपुर में मतगणना कराई जा रही है। इन सात जिलों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। निर्धारित मतगणना केंद्रों पर रिटर्निंग अधिकारियों और चुनाव पर्यवेक्षकों की निगरानी में मतों की गिनती हो रही है।
बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर द्विवार्षिक चुनाव के लिए मंगलवार सुबह आठ बजे कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतगणना जारी है। एक अधिकारी ने बताया कि मतगणना से चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के 90 और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के 60 उम्मीदवारों की चुनावी किस्मत का फैसला होगा। 23 अक्तूबर को हुए मतदान में शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में 82.85 प्रतिशत और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में 53.42 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कोसी स्नातक सीट के लिए पूर्णिया स्थित बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के क्षेत्रीय कार्यालय में मतगणना हो रही है। सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए एसवीएन राजकीय कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय में मतों की गिनती की जा रही है। वहीं, तिरहुत की दोनों सीटों के लिए मुजफ्फरपुर स्थित एमआईटी के प्रशासनिक भवन में मतगणना हो रही है।
उन्होंने बताया कि पटना में बांकीपुर राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में मतगणना शुरू हुई। दरभंगा की दोनों सीटों के लिए खेल भवन-सह-व्यायामशाला भवन में मतों की गिनती की जा रही है। इन आठ सीटों पर मौजूदा विधान परिषद सदस्यों का कार्यकाल 16 नवंबर को समाप्त हो जाएगा।
सत्तारूढ़ भाजपा ने चार सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं, जबकि उसकी सहयोगी जदयू बाकी चार सीटों पर चुनाव लड़ रही है। प्रशांत किशोर के नेतृत्व वाली जन सुराज पार्टी सभी आठ सीटों पर मैदान में है।
यूपी, बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक की 28 एमएलसी सीटों पर हुए विधान परिषद चुनाव के बाद आज मतगणना शुरू हो गई है। सभी सीटों के नतीजे आज ही सामने आ जाएंगे। जानकारी के मुताबिक, तमाम सीटों के लिए पहले रुझान करीब नौ बजे तक सामने आ सकते हैं।
उत्तर प्रदेश की 11, बिहार की आठ, महाराष्ट्र की पांच और कर्नाटक की 4 सीटों के लिए हुए विधान परिषद के चुनावों के नतीजे आज सामने आ जाएंगे। वोटों की गिनती शुरू होने से पहले चारों राज्यों में मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचने के लिए पुलिस ने कई प्रबंध किए हैं।
यूपी में मंगलवार यानी आज 11 विधान परिषद सीटों के लिए वोटों की गिनती होगी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि उत्तर प्रदेश विधान परिषद के 5 खंड स्नातक और 6 खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की मतगणना मंगलवार को प्रातः 8 बजे से लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ, झांसी, बरेली और गोरखपुर में होगी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि सभी 11 निर्वाचन क्षेत्रों में मतगणना निर्धारित स्थलों पर रिटर्निंग ऑफिसर के निर्देशन और प्रेक्षकों की निगरानी में संपन्न कराई जाएगी। मतगणना की प्रक्रिया को सुचारु, शांतिपूर्ण व पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की गई हैं। इसके परिणाम देर शाम तक आने की उम्मीद है।
विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष का पद बचाने के लिए इस चुनाव में सपा को न्यूनतम तीन सीटें जीतना जरूरी है। मौजूदा समय में सपा के 10 सदस्य हैं, जिनमें से 3 का कार्यकाल 6 दिसंबर को खत्म हो रहा है। 6 दिसंबर को कार्यकाल पूरा करने वाले 11 सदस्यों की सीटों पर मतदान हो चुका है आज मतगणना होगी। विधान परिषद में कुल सदस्य संख्या 100 है। वर्तमान में इनमें से एक पद खाली है। यह पद वर्ष 2024 में जितिन प्रसाद के सांसद चुने जाने से रिक्त हुआ था। जितिन को राज्यपाल के स्तर से मनोनीत किए जाने वाले कोटे से एमएलसी बनाया गया था। नेता प्रतिपक्ष के पद के लिए जरूरी है कि संबंधित दल के पास कुल चुने गए सदस्यों के न्यूनतम 10 प्रतिशत सदस्य होने चाहिए। इस हिसाब से देखा जाए तो विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष के पद के लिए संबंधित दल के पास न्यूनतम 10 सदस्य होने चाहिए।
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) चुनाव की मतगणना सुबह आठ बजे से शुरू हो जाएगी। गोरखपुर विश्वविद्यालय के वाणिज्य संकाय भवन स्थित मतगणना स्थल पर 14 टेबल पर 43,433 मतों की गिनती की जाएगी। सुबह आठ बजे सबसे पहले मतपत्रों की छंटनी की जाएगी।
बिहार में स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में पटना, दरभंगा, तिरहुत और कोसी शामिल हैं। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में पटना, दरभंगा, तिरहुत और सारण शामिल हैं। इस राज्य की विधान परिषद सीटों पर चुनाव की चर्चा इसलिए भी हो रही हैं क्योंकि केंद्र के साथ-साथ राज्य.में भी भाजपा नीत सरकार है। हाल ही में उपचुनाव के दौरान भाजपा को झटका लगा था जब पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की सीट और भाजपा के गढ़ की तरह प्रचारित सीट पर पार्टी के प्रत्याशी को जन सुराज के प्रशांत किशोर के हाथों हार का मुंह देखना पड़ा था।
कर्नाटक में चार विधान परिषद सीटों के लिए चुनाव कराए गए हैं। 17 जिलों में सत्तारूढ़ कांग्रेस और बीजेपी-जेडी(एस) एनडीए गठबंधन के बीच सीधा मुकाबला है, ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है। बंगलूरू और नॉर्थ-ईस्ट शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में मुख्य मुकाबले देखे जा रहे हैं। वेस्ट और साउथ-ईस्ट स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में भी कड़ी टक्कर है।
महाराष्ट्र में विपक्षी दलों में कांग्रेस नागपुर स्नातक और पुणे शिक्षक सीटों पर चुनाव लड़ रही है। एनसीपी (शरदचंद्र पवार) ने पुणे और छत्रपति संभाजीनगर स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में उम्मीदवार उतारे हैं। शिवसेना (यूबीटी) अमरावती शिक्षक सीट पर अपनी दावेदारी पेश कर रही है। यह चुनाव राज्य की राजनीतिक समीकरणों के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
बिहार में आठ सीटों पर मतदान कराए गए जिसमें चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र हैं। यहां के 150 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला 5.32 लाख से अधिक मतदाताओं के हाथों होना है। महाराष्ट्र में पांच सीटों के लिए मतदान हो रहा है, जिसमें 182 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। इन सीटों में पुणे, नागपुर और छत्रपति संभाजीनगर के स्नातक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। साथ ही पुणे और अमरावती के शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र भी इसमें हैं। सत्तारूढ़ गठबंधन ने नागपुर स्नातक, पुणे स्नातक और पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में भाजपा के उम्मीदवार उतारे हैं। एनसीपी छत्रपति संभाजीनगर स्नातक सीट पर चुनाव लड़ रही है, जबकि शिवसेना अमरावती शिक्षक सीट पर है।
गत 23 अक्तूबर के दिन वोटिंग के दौरान उत्तर प्रदेश के 75 में से 72 जिलों में 2,697 मतदान केंद्रों पर 14.81 लाख से अधिक मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था। पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में कराए गए चुनाव में सत्तारूढ़ भाजपा और समाजवादी पार्टी ने सभी 11 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं।
उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक में विधान परिषद की 28 सीटों पर मतगणना कराई जाएगी। इन चुनावों में विभिन्न राजनीतिक दलों के साथ-साथ निर्दलीय उम्मीदवार भी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। उत्तर प्रदेश में 11 सीटों के लिए मतदान हो रहा है, जिसमें 152 उम्मीदवार मैदान में हैं।