हाथों में लगी मेहंदी दिखाती महिला।
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ज्योतिषाचार्य चंद्र मोहन केरनी के अनुसार इस बार करवा चौथ पर शुक्र के उदय और वृष राशि में चंद्रमा की स्थिति को ज्योतिषीय मान्यताओं में शुभ माना जा रहा है। शुक्र को प्रेम, ऐश्वर्य और वैवाहिक सुख का कारक माना जाता है। इस दिन महिलाएं करवा चौथ की कथा सुनने के साथ भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश की पूजा करती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह पूजा दांपत्य जीवन में प्रेम और मधुरता बनाए रखने का प्रतीक है। गांधीनगर स्थित पंच मंदिर में करवा चौथ को लेकर तैयारियां की जा रहीं हैं। मंदिर के पुजारी राकेश ने बताया कि 29 अक्तूबर की शाम शहर की महिलाएं मंदिर में एकत्रित होकर भजन-कीर्तन करेंगी। मंदिर प्रबंधन की ओर से विशेष पूजन-अर्चन भी किया जाएगा। घरों में भी व्रत और पूजा की तैयारियां पूरी की जा रहीं हैं।
पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5:38 से 6:56 बजे तक
श्री रणबीरेश्वर मंदिर के महंत ऋषि बन के अनुसार करवा चाैथ की पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5:38 से 6:56 बजे तक रहेगा। सरगी सूर्योदय से पहले तड़के चार से पांच बजे के बीच खाने की सलाह दी गई है।