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प्यार, पैसा और सोलर कैमरे: जासूसी के लिए दुश्मन के नए हथकंडे, सेना अधिकारी की पत्नी से लेकर युवा निशाने पर

Tue, 20 Oct 2026 04:22 PM IST
Vijay Singh Pundir अरुण कुमार, जम्मू

सार

जम्मू-कश्मीर में इस साल अप्रैल से अक्तूबर तक जासूसी के सात मामले सामने आए, जिनमें लोगों को गिरफ्तार किया गया। इन मामलों ने भारत विरोधी ताकतों के जासूसी के अलग-अलग तरीकों को उजागर किया है। सीमावर्ती गांवों के युवाओं से लेकर सैन्य परिवारों से जुड़े लोग तक इनके निशाने पर हैं। 
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जासूसी के लिए दुश्मन के नए हथकंडे - फोटो : अमर उजाला/AI
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विस्तार
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सेना के मेजर की पत्नी पर जासूसी का आरोप हो या कठुआ में ट्रक चालक और भल्ले बेचने वाले की गिरफ्तारी, जम्मू-कश्मीर में इस साल सामने आए मामलों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ाई है। सोशल मीडिया पर दोस्ती, अश्लील वीडियो कॉल के जरिए ब्लैकमेलिंग तो कहीं पैसों का लालच देकर संवेदनशील सूचनाएं जुटाने की कोशिश की गई।

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इन मामलों ने भारत विरोधी ताकतों के जासूसी के अलग-अलग तरीकों को उजागर किया है। सीमावर्ती गांवों के युवाओं से लेकर सैन्य परिवारों से जुड़े लोग तक इनके निशाने पर हैं। उन्हें लालच और दूसरे हथकंडों के जरिए जासूसी के लिए तैयार करने की कोशिश की गई।

जम्मू-कश्मीर में इस साल अप्रैल से अक्तूबर तक जासूसी के सात मामले सामने आए, जिनमें लोगों को गिरफ्तार किया गया। मई के अंत में जम्मू जिले के सीमावर्ती मकवाल निवासी 23 वर्षीय करण कुमार को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए जासूसी करने के आरोप में पकड़ा गया।

आरोप है कि स्नैपचैट पर महिला बनकर संपर्क करने वाले पाकिस्तानी हैंडलर ने उससे दोस्ती की और बाद में सीमावर्ती इलाकों व सैन्य प्रतिष्ठानों की तस्वीरें तथा सेना की आवाजाही से जुड़ी जानकारी मांगी। सतवारी पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। जांच में पता चला कि पश्चिम बंगाल का एक व्यक्ति उसे पैसे भी भेजता था।

इससे पहले अप्रैल में दिल्ली पुलिस ने पाकिस्तान से जुड़े एक अंतरराज्यीय नेटवर्क का पर्दाफाश कर 11 लोगों को गिरफ्तार किया था। जांच में नौ सीसीटीवी कैमरों का पता चला, जिन्हें पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर में संवेदनशील सैन्य ठिकानों के आसपास लगाया गया था। इनमें सौर ऊर्जा से चलने वाले कैमरे भी शामिल थे। इनके जरिए लाइव फुटेज पाकिस्तान में बैठे हैंडलरों तक पहुंचाई जा रही थी।

कठुआ में ट्रक चालक व भल्ले बेचने वाला पकड़ा गया
मई में पठानकोट निवासी बलजीत सिंह की गिरफ्तारी के मामले में भी सेना की आवाजाही पर नजर रखने के लिए जम्मू-पठानकोट राजमार्ग के पास सीसीटीवी कैमरे लगाने का आरोप सामने आया। सितंबर में कठुआ निवासी 24 वर्षीय ट्रक चालक अमन को पकड़ा गया। आरोप है कि उसने सीमा के पास सड़क पर सिम से चलने वाला कैमरा लगाया और सैन्य गतिविधियों की फुटेज पाकिस्तान स्थित हैंडलरों तक पहुंचाई। इसके बदले उसे 20 हजार रुपये मिले थे। इसी मामले की जांच के दौरान लखनपुर में भल्ले बेचने वाले एक युवक को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया।
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शुरुआत में सामान्य जानकारी, फिर बढ़ती जाती है मांग
अलग-अलग देशों की खुफिया एजेंसियां पड़ोसी देशों से जुड़ी जानकारियां जुटाने के लिए हथकंडे अपनाती हैं। ऐसे प्रयासों को शुरुआती स्तर पर ही रोकना जरूरी है। शुरुआत में सामान्य जानकारी मांगी जाती है, लेकिन धीरे-धीरे सूचनाओं की संवेदनशीलता बढ़ती जाती है। सैन्य गतिविधियों और आवाजाही से जुड़ी जानकारी साझा करना गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। पाकिस्तान या चीन से जुड़े फोन नंबरों अथवा सोशल मीडिया अकाउंट से लगातार संपर्क में रहकर जानकारी साझा करने वाले लोग सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर आ जाते हैं। -ब्रिगेडियर राजेंद्र सिंह जम्वाल, रक्षा विशेषज्ञ (सेवानिवृत्त)
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