तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने चेन्नई के तिरुवान्मियूर से पेरुंथलईवर कामराजार मुफ्त नाश्ता योजना के विस्तार की शुरुआत की। अब कक्षा 6 से 8 तक के करीब 15.30 लाख अतिरिक्त छात्रों को मुफ्त नाश्ता मिलेगा। सरकार ने विस्तार के लिए 217.63 करोड़ रुपये अतिरिक्त आवंटित किए हैं।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने तिरुवान्मियूर के गांधी ग्रामम स्थित सरकारी मिडिल स्कूल (ग्रेटर चेन्नई कॉरपोरेशन मिडिल स्कूल) से 'पेरुंथलईवर कामराजार मुफ्त नाश्ता योजना' के विस्तार की औपचारिक शुरुआत कर दी है। योजना की शुरुआत करने के बाद मुख्यमंत्री विजय ने स्कूल के बच्चों के साथ जमीन पर बैठकर खुद भी नाश्ता खाया। इस योजना के विस्तार के तहत अब प्राथमिक कक्षाओं (कक्षा 1 से 5) से आगे बढ़कर कक्षा 6 से 8 तक के मिडिल स्कूल के विद्यार्थियों को भी सुबह का मुफ्त भोजन दिया जाएगा।
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15.30 लाख अतिरिक्त छात्रों को मिलेगा फायदा
इस विस्तार से राज्य भर के 15,454 सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों के लगभग 15.30 लाख अतिरिक्त छात्र लाभान्वित होंगे। टीवीके सरकार के सत्ता में आने के बाद इस कार्यक्रम का नाम बदलकर कामराज के नाम पर रखा गया था। अब इस नए विस्तार के बाद राज्य के कुल 44,984 सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों के 34.64 लाख छात्र इस योजना के दायरे में आ जाएंगे। इसके क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार ने 217.63 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट आवंटित किया है।
योजना की पृष्ठभूमि
यह नाश्ता योजना मूल रूप से साल 2022 में तत्कालीन मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने सरकारी प्राथमिक स्कूलों के बच्चों के लिए शुरू की थी। इसका मकसद बच्चों में कुपोषण दूर करना, स्कूलों में उपस्थिति बढ़ाना और ड्रॉपआउट रोकना था। बाद में इसे सहायता प्राप्त स्कूलों में भी लागू किया गया, जिससे इस विस्तार से पहले 37,447 स्कूलों के 19.34 लाख बच्चे लाभ ले रहे थे।
यह विस्तार पहले 17 सितंबर को समाज सुधारक पेरियार ई.वी. रामासामी की जयंती पर शुरू होना था, लेकिन मुख्यमंत्री के निवेश जुटाने के सिलसिले में लंदन में होने के कारण इसे आगे बढ़ाया गया था। राज्य में यह योजना चेंगलपट्टू और तिरुप्पुर जिलों को छोड़कर लागू की गई है, क्योंकि वहां मदुरंतकम और धारापुरम विधानसभा सीटों पर उपचुनाव चल रहे हैं।
तय हुआ साप्ताहिक मेन्यू
योजना के लिए निर्धारित मेन्यू के अनुसार छात्रों को सोमवार को उपमा, मंगलवार को खिचड़ी, बुधवार को पोंगल और गुरुवार को फिर से उपमा दिया जाएगा। वहीं, शुक्रवार को एक मीठा व्यंजन परोसा जाएगा। अधिकारियों को उम्मीद है कि इस कदम से कमजोर आर्थिक वर्ग के बच्चों के पोषण, उपस्थिति और सीखने की क्षमता में बड़ा सुधार आएगा।