फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

'मोदी-शाह की जोड़ी घबराई और हताश है': राहुल-प्रियंका पर एफआईआर दर्ज होने पर भड़की कांग्रेस, क्या लगाए आरोप?

Wed, 07 Oct 2026 12:28 PM IST
अमन मौर्या न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पर एफआईआर दर्ज होने के बाद कांग्रेस की कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है। कांग्रेस ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह की 'खतरनाक जोड़ी' घबराई और हताश है।
विज्ञापन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दिल्ली पुलिस द्वारा आकाशवाणी भवन में जबरदस्ती घुसने के आरोप में लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने पर कांग्रेस की कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है। कांग्रेस ने केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की खतरनाक जोड़ी घबराई हुई और हताश है। विपक्षी पार्टी ने यह भी कहा कि साफ संकेत मिल रहे हैं कि आगे क्या होने वाला है। विपक्षी पार्टी का यह हमला तब हुआ जब दिल्ली पुलिस ने छह अक्तूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के मार्च के दौरान आकाशवाणी भवन में जबरदस्ती घुसने के आरोप में कांग्रेस के इन दो नेताओं और उनके समर्थकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: 'झोला उठाने का समय जल्दी आ रहा है': महंगी दवाओं को लेकर कांग्रेस का पीएम मोदी पर बड़ा हमला, क्या लगाए आरोप?

चुनाव आयोग पर पार्टी ने क्या आरोप लगाए?
कांग्रेस ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक मीडिया रिपोर्ट साझा किया। पार्टी ने लिखा, 'वोट चोर' ज्ञानेश अपनी आदत से बाज नहीं आ रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में एसआईआर अपीलों की सुनवाई के लिए ट्रिब्यूनल जज नियुक्त किए थे, लेकिन अब उस ट्रिब्यूनल के 19 जजों ने चुनाव आयोग के पोर्टल पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। जजों का कहना है कि चुनाव आयोग का पोर्टल उनके काम में अड़ंगा डाल रहा है। जजों के मुताबिक पोर्टल में बहुत सारी खामियां हैं। जैसे-
  • ट्रिब्यूनल सीधे पार्टियों को नोटिस नहीं भेज सकते
  • ट्रिब्यूनल पार्टियों की ऑनलाइन सुनवाई नहीं कर पा रहे
  • अपीलों के रिकॉर्ड को रखने का कोई ऑप्शन नहीं है, क्योंकि इन्हें डिजिटल नहीं किया गया
  • अपीलकर्ता के पास ट्रिब्यूनल का आदेश डाउनलोड करने या उसकी सर्टिफाइड कॉपी पाने का ऑप्शन नहीं है
  • ट्रिब्यूनल कोई डॉक्यूमेंट स्टोर नहीं कर सकते और जब जज, डीएम या डीईओ को ईमेल करते हैं, तो उसका रिस्पॉन्स बहुत खराब है।
विज्ञापन

पार्टी ने लिखा, 'साफ है- पहले तो मोदी के इशारे पर ज्ञानेश ने पश्चिम बंगाल में एसआईआर के नाम पर लोगों के वोट काटे और अब जजों को काम नहीं करने दे रहे हैं।' गद्दार ज्ञानेश याद रखे कि न तो वो बचेगा, न ही उसके आका। सबका हिसाब होगा, सब नपेंगे।

आकाशवाणी भवन में क्या हुआ?
बता दें कि मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और एसआईआर खत्म करने की मांग को लेकर विपक्ष के 19 दलों ने मंगलवार को संसद से निर्वाचन सदन तक मार्च निकाला। पुलिस द्वारा संसद मार्ग बंद किए जाने के बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य सांसदों ने संसद मार्ग स्थित आकाशवाणी भवन में घुसकर धरने पर बैठ गए थे। इस दौरान आकाशवाणी भवन में जबरन घुसने के आरोप में दिल्ली पुलिस ने बुधवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया। इसके बाद ही विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर है।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: पीएम मोदी के प्रशासनिक जीवन के 25 साल: नितिन नवीन बोले- संघर्ष और जनसेवा से भरा सफर, नेहरू-इंदिरा पर क्या कहा?

पुलिस ने क्या कहा?
पुलिस ने बुधवार को जानकारी कि दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस सांसदों राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ-साथ अन्य इंडिया ब्लॉक सांसदों के मंगलवार को चुनाव आयुक्त के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान आकाशवाणी भवन परिसर में बिना अनुमति के प्रवेश करने के संबंध में एफआईआर दर्ज की है। यह धरना करीब आठ घंटे तक चला। रात आठ बजे के बाद पुलिस सभी सांसदों को हिरासत में किंग्सवे कैंप लेकर गई और धरना खत्म कराया। इसके बाद रात 10 बजे राहुल समेत सभी सांसदों को रिहा कर दिया गया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें