मैसूरू दशहरा में 3,473 ड्रोन ने आसमान में नाचते मोर की विशाल आकृति बनाकर एक बार फिर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में जगह बनाई। 20 मिनट के शो में क्या दृश्य दिखाए गए। आखिर इस आयोजन में ऐसा क्या खास था कि हजारों लोग बाहर भी जुटे? पढ़िए रिपोर्ट
मैसूरू दशहरा ड्रोन शो ने एक बार फिर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में जगह बनाई है। रविवार रात बन्नीमंटप इलाके के टॉर्चलाइट परेड ग्राउंड में 3,473 ड्रोन आसमान में उड़े और राष्ट्रीय पक्षी मोर की एक विशाल आकृति बनाई, जो नाचती हुई लग रही थी।
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20 मिनट के ड्रोन शो में 12 अलग-अलग दृश्य दिखाए गए, जिसमें नाचते मोर के अलावा चामुंडेश्वरी, सुनहरे हौदे वाला हाथी और सुदर्शन चक्र जैसे स्थानीय विरासत के प्रतीक प्रदर्शित किए गए।
क्षमता से अधिक लोग मौजूद, 20 हजार से ज्यादा ने बाहर से देखा
ड्रोन शो की पहली दो शाम यानी 17 और 18 अक्तूबर को टॉर्चलाइट परेड ग्राउंड में 40,000 से ज्यादा लोग मौजूद थे, जबकि क्षमता 33,500 है। 20,000 से अधिक लोग आयोजन स्थल के बाहर भी जमा हुए थे।
21 अक्तूबर तक चलने वाले इस ड्रोन शो का आयोजन आईआईटी-दिल्ली की स्टार्टअप कंपनी बॉटलैब डायनामिक्स और चामुंडेश्वरी इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई कॉरपोरेशन ने किया है।