गांधी जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महात्मा गांधी को पुष्पांजलि अर्पित कर उनके सत्य, अहिंसा और स्वदेशी के विचारों को याद किया। दिल्ली में सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई बड़े नेता एक साथ बापू को नमन करने पहुंचे। राहुल गांधी, खरगे, प्रियंका गांधी और सोनिया गांधी भी मौजूद रहे। पटना और भुवनेश्वर में भी कार्यक्रम हुए। आखिर गांधीजी के किन विचारों पर इस बार सबसे ज्यादा जोर दिया गया?
गांधी जयंती के मौके पर शुक्रवार को देशभर में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को याद किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गांधी स्मृति पहुंचकर महात्मा गांधी को पुष्पांजलि अर्पित की और उनके जीवन, विचारों तथा देश के लिए किए गए योगदान को नमन किया। दो अक्तूबर को महात्मा गांधी की 157वीं जयंती मनाई जा रही है। इस मौके पर दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में नेताओं ने बापू को श्रद्धांजलि दी। प्रधानमंत्री ने गांधीजी के सत्य, अहिंसा और मानवता के संदेश को याद करते हुए कहा कि उनके विचार आज भी समाज और देश को दिशा देने वाले हैं।
महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्तूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ था। हर साल 2 अक्तूबर को उनकी जयंती गांधी जयंती के रूप में मनाई जाती है। गांधी जी ने सत्य और अहिंसा के सिद्धांतों के जरिए स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 30 जनवरी 1948 को दिल्ली में उनकी हत्या कर दी गई थी। गांधी स्मृति में आयोजित सर्वधर्म प्रार्थना सभा में उनके जीवन और विचारों को याद किया गया।
गांधी जयंती पर दिल्ली में पीएम मोदी समेत कौन-कौन से नेता पहुंचे?
गांधी जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और अलग-अलग दलों के कई वरिष्ठ नेता संविधान सदन यानी पुराने संसद भवन परिसर में भी महात्मा गांधी को पुष्पांजलि देने पहुंचे। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, संसदीय और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू, कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह और संसदीय कार्य तथा सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री एल मुरुगन ने भी श्रद्धांजलि दी। इस दौरान संसद के सदस्य, वरिष्ठ अधिकारी और स्कूल के छात्र भी मौजूद रहे।