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महाराष्ट्र: मुंबई के सीपीडब्ल्यूडी इंजीनियर समेत पांच गिरफ्तार, रिश्वत का आरोप; लातूर में बच्ची कुएं में डूबी

Sat, 03 Oct 2026 03:18 PM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला।
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महाराष्ट्र की बड़ी खबरें - फोटो : अमर उजाला
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केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने मुंबई में 50 लाख रुपये के रिश्वत मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें सीपी डब्ल्यूडी के कार्यकारी इंजीनियर विक्रांत वर्मा और उनके रिश्तेदार सौरव गुप्ता शामिल हैं। बाया ग्रुप ऑफ कंपनीज के उपाध्यक्ष अरविंद सेमवाल, प्रबंधक चेतन महाजन और रेनेसां फर्म के साझेदार अनिल देशमुख भी पकड़े गए हैं। यह गिरफ्तारी भूमि संबंधी अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी करने के आरोप में हुई है। एफआईआर के अनुसार, वर्मा ने मुंबई के वडाला में एक भूखंड पर NOC के लिए 1 करोड़ रुपये मांगे थे। बाद में यह राशि 70 लाख रुपये पर तय हुई। यह NOC सीपी डब्ल्यूडी के जमीन पर कोई दावा न होने की पुष्टि के लिए था। सीबीआई ने 1 अक्तूबर को जाल बिछाकर वर्मा के रिश्तेदार को 50 लाख रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा। कार्यकारी इंजीनियर को नवी मुंबई के वाशी में रिश्वत का इंतजार करते हुए गिरफ्तार किया गया। तलाशी में 50 लाख रुपये की रिश्वत राशि के अलावा करीब 53.87 लाख रुपये नकद और संपत्ति के दस्तावेज भी मिले हैं।

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जनवरी-फरवरी तक देश में होगा बड़ा बदलाव : संजय राउत 
शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने कहा कि विरोध प्रदर्शन को लाठी या ताकत से नहीं रोका जा सकता। उन्होंने कहा कि युवाओं को डराया नहीं जा सकता, चाहे लाठी चलाई जाए या गोली। मुंबई में मीडिया से बात करते हुए संजय राउत ने कहा "चाहे लाठी हो, गोली हो या बंदूक, आप हमें रोक नहीं सकते। आपने कल जंतर मंतर पर जो हुआ देखा और मुंबई में स्थिति देखी। इतनी तानाशाही थी, फिर भी युवा एकजुट हुए। लोगों ने गिरफ्तारियां दी और जेल गए। लोगों ने पुलिस का सामना किया। लाठी क्या कर सकती है? आगे बढ़ो और गोलियां चलाओ। आपने गोलियां चलाई हैं और पैलेट गन का भी इस्तेमाल किया है, लेकिन लोग नहीं रुकते। अब प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को जाना होगा। जनवरी और फरवरी तक देश में बड़े बदलाव होने वाले हैं।"

कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी पर भी बोले
वहीं दूसरी ओर, संजय राउत ने कैप्टन स्मित मच्छार की तारीफ की है। उन्होंने कहा "यह अच्छी बात है। कैप्टन स्मित मच्छार ने बहुत अच्छा काम किया है। उन्होंने एक बहादुर व्यक्ति का काम किया है। जमीन से करीब 35,000 फीट ऊपर ऐसा फैसला लेना और आतंकवादी से लड़ना बहुत बड़ी बात है। वह एक भारतीय हैं, किसी खास राज्य से ताल्लुक रखने वाले नहीं हैं।" संजय राउत ने कहा कि कैप्टन का यह साहस पूरे देश के लिए गर्व की बात है।

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आठ छात्रों की मौत के बाद कोचिंग केंद्र सील
महाराष्ट्र के पुणे जिले में अलंदी नगर परिषद ने शुक्रवार को ‘विनर्स एकेडमी’ को सील कर दिया। नगर परिषद के मुताबिक, संस्थान अनिवार्य अनुमति और लाइसेंस के बिना व्यावसायिक गतिविधियां संचालित कर रहा था। यह कार्रवाई रायगढ़ जिले के दिवेआगर समुद्र तट पर इसके आठ छात्रों की डूबने से मौत के एक दिन बाद की गई। 

लातूर जिले में छह साल की बच्ची कुएं में डूबी
महाराष्ट्र के लातूर जिले के एक गांव में एक खुले कुएं में गिरने से छह साल की एक लड़की डूब गई। पुलिस इंस्पेक्टर बीरप्पा भुसनूर ने बताया कि यह घटना शुक्रवार दोपहर को उदगीर तालुका के शिरोल-जनापुर गांव इलाके के रामघाट टांडा में हुई। पुलिस के मुताबिक, घटना के वक्त बच्ची की मां खेतों में काम करने गई थी और बाद में पता चला कि बच्ची कुएं में गिर गई और डूब गई। पुलिस अधिकारी ने बताया कि सूचना मिलने के बाद ग्रामीण मौके पर पहुंचे और लड़की का शव निकालने का प्रयास किया और पुलिस को सूचित किया गया।
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लोअर टेरना प्रोजेक्ट से पानी की अवैध निकासी पर लातूर कलेक्टर सख्त
लातूर के कलेक्टर भरत बास्तेवाड ने शनिवार को अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे लोअर टेरना प्रोजेक्ट से पानी की अवैध निकासी रोकने के लिए कड़े कदम उठाएं। इस मॉनसून में बारिश की कमी के कारण इस प्रोजेक्ट में पानी का स्तर कुल क्षमता का 21 प्रतिशत ही रह गया है। बास्तेवाड ने शुक्रवार को मकनी में लोअर टेरना प्रोजेक्ट का दौरा किया और वहां मौजूद पानी के स्टॉक, सप्लाई की योजना और जलाशय से अनधिकृत पंपिंग को रोकने के लिए किए जा रहे उपायों की समीक्षा की। इस प्रोजेक्ट से धाराशिव जिले के कई कस्बों और गांवों के अलावा लातूर जिले के निलंगा और औसा कस्बों और 40 गांवों में पानी की सप्लाई की जाती है। बास्तेवाड ने कहा कि अब यह पानी पूरी तरह से पीने के लिए सुरक्षित रखा गया है और अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि खेती के काम के लिए पानी की अवैध निकासी न हो। उन्होंने जल संसाधन, राजस्व और एमएसईडीसीएल विभागों से कहा कि वे इलाके की निगरानी के लिए संयुक्त गश्ती दल तैनात करें और पानी की अवैध निकासी के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करें। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि अगर पीने के पानी की जरूरत को पूरा करने के लिए जलाशय के 'डेड स्टोरेज' (जलाशय के तल में जमा पानी) का इस्तेमाल करने की जरूरत पड़े, तो इसके लिए जरूरी कदम उठाए जाएं।
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