सार
पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को आरएसएस के नागपुर में होने वाले विजयादशमी कार्यक्रम में विशेष अतिथि के तौर पर आमंत्रित किए जाने की खबरों पर कांग्रेस ने मोदी सरकार को घेरा है। जयराम रमेश ने कहा कि धनखड़ को अब तक सरकारी आवास नहीं मिला। उन्होंने सत्ता के भीतर खींचतान का आरोप लगाया। आइए, विस्तार से पूरे मामले को समझते हैं...
पूर्व उपराष्ट्रपति धनखड़ को आरएसएस का निमंत्रण
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
कांग्रेस के अनुसार, आरएसएस ने धनखड़ को नागपुर में 20 अक्तूबर को होने वाले अपने वार्षिक विजयादशमी कार्यक्रम में विशेष अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया है। हालांकि, यह आमंत्रण मिलने की खबरों के बीच कांग्रेस ने धनखड़ के सरकारी आवास का मुद्दा उठाया। जयराम रमेश ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि धनखड़ ने जुलाई 2025 में अचानक उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दिया था, लेकिन इसके बाद भी उन्हें अब तक नियमानुसार आवास आवंटित नहीं किया गया है। कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री पर भी आरोप लगाए हैं।
कांग्रेस ने धनखड़ के इस्तीफे को लेकर क्या आरोप लगाए?
जयराम रमेश ने कहा कि 21 जुलाई 2025 को प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने कुछ ही मिनटों में धनखड़ से इस्तीफा दिलवा दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि धनखड़ पहले मोदी सरकार की ओर से किसानों की मांगों की लगातार अनदेखी किए जाने के आलोचक रहे थे। रमेश ने कहा कि सरकार का रवैया इतना छोटा है कि पूर्व उपराष्ट्रपति को अब तक वह आवास नहीं दिया गया, जिसके वे हकदार हैं। ये कांग्रेस के आरोप हैं। उपलब्ध जानकारी में सरकार की ओर से इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया शामिल नहीं है।
धनखड़ ने उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा क्यों दिया था?
जगदीप धनखड़ ने 21 जुलाई 2025 को उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति पद से अचानक इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने अपने इस्तीफे में स्वास्थ्य संबंधी कारणों का हवाला दिया था। राष्ट्रपति को भेजे गए पत्र में धनखड़ ने कहा था कि वह स्वास्थ्य देखभाल को प्राथमिकता देने और चिकित्सकीय सलाह का पालन करने के लिए तत्काल प्रभाव से पद छोड़ रहे हैं। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 67(क) के तहत इस्तीफा दिया था। उस समय उन्होंने अपने पत्र में किसी राजनीतिक दबाव का उल्लेख नहीं किया था।
आरएसएस ने धनखड़ को किस कार्यक्रम में बुलाया है?
जयराम रमेश के मुताबिक, आरएसएस ने धनखड़ को नागपुर में 20 अक्तूबर को होने वाले अपने वार्षिक विजयादशमी कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया है। कांग्रेस ने इस आमंत्रण को केंद्र सरकार के साथ धनखड़ के संबंधों के संदर्भ में उठाया है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में आरएसएस की ओर से आमंत्रण का कारण या धनखड़ की ओर से इसे स्वीकार किए जाने की पुष्टि नहीं दी गई है।
कांग्रेस ने ‘इकोसिस्टम में जंग’ क्यों कहा?
जयराम रमेश ने कहा कि धनखड़ को आरएसएस का निमंत्रण मिलना और दूसरी ओर उन्हें सरकारी आवास नहीं मिलना, सत्ता से जुड़े तंत्र के भीतर मतभेदों का संकेत है। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि ‘इकोसिस्टम अपने ही भीतर लड़ रहा है’। कांग्रेस ने इस टिप्पणी के जरिए केंद्र सरकार पर राजनीतिक तंज कसा है। फिलहाल, इस विवाद का केंद्र धनखड़ का इस्तीफा, सरकारी आवास का मुद्दा और आरएसएस के कार्यक्रम में उनके संभावित शामिल होने की खबर है।