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भारत में 23.8 करोड़ लोग आज भी गरीबी से जूझ रहे: बुनियादी सुविधाओं की कमी सबसे बड़ी वजह, क्या कहते हैं आंकड़े?

अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली। Published by: निर्मल कांत Updated Fri, 16 Oct 2026 07:07 AM IST

सार

भारत में गरीबी की दर में भारी गिरावट आई है, फिर भी 23.8 करोड़ से ज्यादा लोग बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। संयुक्त राष्ट्र और ऑक्सफोर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 19% आबादी पर गरीबी के दायरे में आने का खतरा है। आखिर गरीबी की सबसे बड़ी वजह क्या है और बेरोजगारी के आंकड़े क्या तस्वीर दिखाते हैं? पढ़ें पूरी खबर 
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गरीबी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/एएनआई (फाइल)

एनएसओ सर्वे...बेरोजगारी के मोर्चे पर मामूली राहत : राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) से जारी पीरियडिक लेबर फोर्स सर्वे (पीएलएफएस) के अनुसार, इस सितंबर में 15 वर्ष और उससे अधिक उम्र के लोगों के लिए कुल बेरोजगारी दर 5 प्रतिशत दर्ज की गई है। यह आंकड़ा अगस्त के बराबर ही है यानी इसमें कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। 


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भारत की तस्वीर गरीबी की चपेट में कितनी आबादी
  • 55.1 % -   2005-06
  • 16.4%  -   2019-21

दुनिया का हाल...अफ्रीका, द. एशिया सबसे ज्यादा प्रभावित
  • गरीबी का सबसे अधिक बोझ उप-सहारा अफ्रीका और द. एशिया पर है।
  • चीन ने उल्लेखनीय सुधार किया है (2010 के 9.5% से घटाकर 2014 में 4.2%)।
  • 120 करोड़ लोग अभी बहुआयामी गरीबी की चपेट में।
  • 5.15 करोड़ की संख्या बढ़ी पिछले साल के मुकाबले।
  • 80% से अधिक प्रभावित आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में।

ग्रामीण इलाकों में बेरोजगारी दर 4.2% रही, जो अगस्त में 4.1% थी। शहरी क्षेत्रों में बेरोजगारी दर 6.9% पर पहुंच गई, जो पिछले महीने 6.8% थी।
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