एनएसओ सर्वे...बेरोजगारी के मोर्चे पर मामूली राहत : राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) से जारी पीरियडिक लेबर फोर्स सर्वे (पीएलएफएस) के अनुसार, इस सितंबर में 15 वर्ष और उससे अधिक उम्र के लोगों के लिए कुल बेरोजगारी दर 5 प्रतिशत दर्ज की गई है। यह आंकड़ा अगस्त के बराबर ही है यानी इसमें कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है।
भारत की तस्वीर
गरीबी की चपेट में कितनी आबादी
- 55.1 % - 2005-06
- 16.4% - 2019-21
दुनिया का हाल...अफ्रीका, द. एशिया सबसे ज्यादा प्रभावित
- गरीबी का सबसे अधिक बोझ उप-सहारा अफ्रीका और द. एशिया पर है।
- चीन ने उल्लेखनीय सुधार किया है (2010 के 9.5% से घटाकर 2014 में 4.2%)।
- 120 करोड़ लोग अभी बहुआयामी गरीबी की चपेट में।
- 5.15 करोड़ की संख्या बढ़ी पिछले साल के मुकाबले।
- 80% से अधिक प्रभावित आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में।
ग्रामीण इलाकों में बेरोजगारी दर 4.2% रही, जो अगस्त में 4.1% थी। शहरी क्षेत्रों में बेरोजगारी दर 6.9% पर पहुंच गई, जो पिछले महीने 6.8% थी।