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वोट चोरी मुहिम के बीच राहुल का शिव प्रेम: तांडव के जिक्र के बाद 'सत्यम शिवम सुंदरम' पोस्ट, क्या दे रहे संदेश?

Tue, 27 Oct 2026 11:22 AM IST
प्रशांत तिवारी एएनआई, नई दिल्ली

सार

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ‘सत्यम शिवम सुंदरम’ लिखते हुए भगवान शिव के त्रिपुंड से मिलती-जुलती आकृति साझा की। इससे पहले उन्होंने विपक्ष के विरोध प्रदर्शन की तुलना शिव के तांडव से की थी और संसद में शिव को निर्भयता, अहिंसा व सत्य का प्रतीक बताया था।
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राहुल गांधी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सिर्फ तीन शब्द लिखे- ‘सत्यम शिवम सुंदरम’। उनकी इस पोस्ट में काली पृष्ठभूमि पर तीन सफेद आड़ी रेखाएं और उन्हें काटती एक लाल खड़ी रेखा दिखाई गई है। यह तस्वीर भगवान शिव के माथे पर लगाए जाने वाले त्रिपुंड तिलक जैसी लगती है। राहुल की यह पोस्ट ऐसे समय आई है, जब कांग्रेस 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में वोट बचाओ रैली करने जा रही है।

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शिव के त्रिपुंड से जुड़ा है संदेश
हिंदू परंपरा में त्रिपुंड भगवान शिव से जुड़ा एक खास प्रतीक है। इसे माथे पर भस्म की तीन आड़ी रेखाओं के रूप में लगाया जाता है। विद्वान एंटोनियो रिगोपोलोस के मुताबिक, ये रेखाएं शिव की इच्छा, ज्ञान और क्रिया की तीन शक्तियों को दर्शाती हैं। राहुल गांधी की पोस्ट में इसी प्रतीक से मिलती-जुलती आकृति नजर आई, हालांकि उन्होंने इसके पीछे का मतलब साफ नहीं किया।

प्रदर्शन को बताया शिव का तांडव
इससे पहले राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के विरोध प्रदर्शन की तुलना भगवान शिव के तांडव से की थी। उन्होंने कहा था कि इस आंदोलन को चलाने के लिए किसी तय योजना की जरूरत नहीं है। राहुल के मुताबिक, पहले विपक्ष की योजना बस से जाकर धरना देने और गिरफ्तारी देने की थी, लेकिन पुलिस ने उन्हें वहां पहुंचने नहीं दिया। इसके बाद प्रदर्शन का तरीका बदल गया। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन शिव के नृत्य की तरह जारी है और इसमें कोई भी शामिल हो सकता है।
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संसद में भी किया था शिव का जिक्र
राहुल गांधी ने 1 जुलाई 2024 को लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान भगवान शिव की तस्वीर दिखाई थी। उन्होंने शिव को निर्भयता, अहिंसा और सत्य का प्रतीक बताया था। इसी दौरान उन्होंने अभयमुद्रा का भी जिक्र किया और कहा कि यह निडर होकर सच का सामना करने का संदेश देती है। उन्होंने इस संदर्भ में इस्लाम, सिख धर्म, ईसाई धर्म और जैन धर्म की शिक्षाओं का भी उल्लेख किया था।

1 नवंबर की रैली में जुटने की अपील
राहुल गांधी ने 25 अक्टूबर को छात्रों, किसानों, मजदूरों, महिलाओं, युवाओं और व्यापारियों से दिल्ली पहुंचने की अपील की थी। कांग्रेस का आरोप है कि मतदाता सूची से लोगों के नाम हटाए जा रहे हैं और नियमों का उल्लंघन हुआ है। राहुल ने एक्स पर लिखा कि वोटों की चोरी को चुपचाप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कांग्रेस ने इस कार्यक्रम को ‘वोट बचाओ, देश बचाओ जन मार्च और मेगा रैली’ नाम दिया है।

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दिल्ली के कारोबारियों से भी की अपील
सोमवार को राहुल गांधी ने दिल्ली के व्यापारियों को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार पर मेट्रो बंद करने, सड़कों को सील करने और राजधानी में पाबंदियां लगाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अगर वोट सुरक्षित नहीं हैं, तो दुकान, बचत और बच्चों का भविष्य भी सुरक्षित नहीं रह सकता। राहुल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की विपक्ष की मांग मानने को भी कहा। कांग्रेस का दावा है कि ऐसा होने पर विरोध प्रदर्शन खत्म हो सकते हैं। हालांकि, मतदाता सूची में गड़बड़ी और सरकार की भूमिका को लेकर लगाए गए इन आरोपों पर संबंधित पक्षों का जवाब अलग हो सकता है।

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