दिल्ली में भारतीय वायुसेना (आईएएफ) के स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की जमीन वापस लेने की केंद्र सरकार की कोशिश पर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। कांग्रेस ने मंगलवार को मोदी सरकार की कार्रवाई को 'बेहद शर्मनाक' बताते हुए कहा कि यह पूरे वायुसेना परिवार के प्रति अपमानजनक रवैया है।
कांग्रेस महासचिव और संचार प्रभारी जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस संबंध में एक मीडिया रिपोर्ट साझा की। रिपोर्ट के मुताबिक, 31 अक्तूबर को सेवानिवृत्त होने से कुछ दिन पहले 26 अक्तूबर को वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की थी।
जयराम रमेश ने क्या कहा?
इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री आवास के पास रेसकोर्स एयर फोर्स स्टेशन की प्रमुख जमीन पर भारतीय वायुसेना का नियंत्रण बनाए रखने की मांग की थी। उन्होंने इसके पीछे सैन्य जरूरतों और वहां मौजूद सुविधाओं का हवाला दिया था। जयराम रमेश ने अपनी पोस्ट में कहा, "आईएएफ स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का लंबा इतिहास रहा है। दशकों से इसने कई सार्वजनिक उद्देश्यों की पूर्ति की है और यह भारतीय वायुसेना के सामाजिक बुनियादी ढांचे का भी अभिन्न हिस्सा रहा है।"
उन्होंने आगे कहा, "मोदी सरकार की कार्रवाई बेहद शर्मनाक है और पूरे आईएएफ परिवार के प्रति पूरी तरह अनादर दिखाती है।"
पिछले बुधवार को बंद किया गया स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स
प्रधानमंत्री आवास 7, लोक कल्याण मार्ग के पास स्थित रेसकोर्स एयर फोर्स स्टेशन के स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में गोल्फ कोर्स, स्विमिंग पूल और अन्य सुविधाएं थीं। पिछले बुधवार को इसे बंद कर दिया गया। केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय के तहत काम करने वाले भूमि एवं विकास कार्यालय ने कॉम्प्लेक्स के प्रबंधन को बेदखली का नोटिस जारी किया था। इसमें प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास के पास स्थित जमीन खाली कर वापस सौंपने की मांग की गई थी।
केंद्र सरकार की यह कार्रवाई इलाके में मौजूद कीमती जमीनों को वापस लेने की हालिया मुहिम का हिस्सा है। पिछले कई हफ्तों से सरकार भूमि एवं विकास कार्यालय के जरिए लोक कल्याण मार्ग के आसपास की प्रमुख जमीनों की समीक्षा कर रही है। इसका उद्देश्य रक्षा से जुड़ी गोल्फ और खेल सुविधाओं के लिए इस्तेमाल हो रही जमीन को वापस लेना है।
अब तक किन जमीनों को लेकर दिया नोटिस?
इससे पहले केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय ने संबंधित संस्थाओं से एयर फोर्स गोल्फ कोर्स वाली जमीन भी सौंपने को कहा था। अगस्त में विभाग ने लोक कल्याण मार्ग स्थित 53 एकड़ परिसर से दिल्ली रेस क्लब को बेदखल कर दिया था। इसके लिए जमीन की जरूरत एक अनिर्दिष्ट सार्वजनिक उद्देश्य के लिए बताई गई थी।
इसके अलावा सरकार ने इंडिया पोलो एसोसिएशन से जयपुर पोलो ग्राउंड की जमीन भी वापस ले ली थी। इसके पीछे व्यापक जनहित, प्रशासनिक जरूरतों और रक्षा बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का हवाला दिया गया था।