सार
जिला ऊना में सभी पात्र निजी कोचिंग सेंटरों को निर्धारित नियमों के तहत पंजीकरण करवाना होगा। नए पंजीकरण के लिए 50 हजार रुपये और नवीनीकरण के लिए 25 हजार रुपये शुल्क तय किया गया है। प्रमाणपत्र तीन साल तक वैध रहेगा। नियमों के उल्लंघन पर जुर्माना और गंभीर मामलों में पंजीकरण रद्द किया जा सकता है। पढ़ें पूरी खबर...
जिला ऊना में संचालित सभी पात्र निजी कोचिंग सेंटरों के लिए पंजीकरण अनिवार्य होगा। इसके लिए 50 हजार रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। पंजीकरण प्रमाणपत्र तीन वर्ष तक वैध रहेगा, जबकि नवीनीकरण करवाने के लिए संचालकों को 25 हजार रुपये जमा करवाने होंगे। नियमों का उद्देश्य विद्यार्थियों की सुरक्षा, आधारभूत सुविधाओं और फीस में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।
अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) इशांत जसवाल ने कोचिंग सेंटर संचालकों को निर्धारित नियमों का पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि जिला स्तरीय कमेटी की बैठक में पंजीकरण प्रक्रिया और नियमों के अनुपालन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई।
उपनिदेशक उच्च शिक्षा कार्यालय में जमा होंगे आवेदन
सभी पात्र कोचिंग सेंटरों को निर्धारित आवेदन पत्र भरकर उपनिदेशक, उच्च शिक्षा, ऊना के कार्यालय में जमा करवाना होगा। आवेदन पत्र संबंधित वेबसाइट पर उपलब्ध है। जिला स्तरीय कमेटी आवेदनों की जांच करेगी। निर्धारित मानदंड पूरे करने वाले सेंटरों को तीन साल के लिए पंजीकरण प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा। यदि आवेदन या सेंटर में कमियां पाई जाती हैं, तो उन्हें दूर करने के लिए अधिकतम तीन महीने का समय दिया जा सकेगा।
विद्यार्थियों को देनी होंगी जरूरी सुविधाएं
एडीसी इशांत जसवाल ने कहा कि कोचिंग सेंटरों में विद्यार्थियों की संख्या के अनुसार पर्याप्त कक्षाएं, उचित प्रकाश व्यवस्था, वेंटिलेशन, स्वच्छ पेयजल, शौचालय और अग्नि सुरक्षा जैसी सुविधाएं उपलब्ध होना जरूरी है। संचालकों को शिक्षण व्यवस्था और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जुड़े निर्धारित नियमों का भी पालन करना होगा। कोचिंग सेंटरों को विद्यार्थियों के प्रवेश, फीस और उपस्थिति का अद्यतन रिकॉर्ड रखना होगा। ट्यूशन फीस और अन्य शुल्कों में पारदर्शिता बनाए रखना अनिवार्य होगा। वहीं, पंजीकृत सेंटरों को अपने परिसर या स्थान में बदलाव करने से पहले संबंधित प्राधिकारी से अनुमति लेनी होगी।
नियमों के उल्लंघन पर जुर्माना, पंजीकरण भी हो सकता है रद्द
पंजीकृत कोचिंग सेंटरों की समय-समय पर जांच और निगरानी की जाएगी। किसी तरह की शिकायत मिलने पर उसकी जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माना लगाया जा सकता है, जबकि गंभीर मामलों में सेंटर का पंजीकरण रद्द करने का भी प्रावधान है। पंजीकरण से जुड़े किसी निर्णय से असंतुष्ट कोचिंग सेंटर संचालक सक्षम प्राधिकारी के समक्ष अपील कर सकेंगे।