क्षय रोग वाहन से जिले के 14,485 मरीजों को मिला घर-द्वार पर लाभ
जिला के दस खंडों में चल रहा विशेष अभियान
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। हिमाचल को टीबी मुक्त बनाने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग का राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम मंडी जिले में प्रभावी साबित हो रहा है। टीबी मुक्त भारत अभियान (टीबीएमबीए 2.0) के तहत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पोर्टेबल हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीनों और मोबाइल टीबी वाहनों से घर-द्वार पर जांच की सुविधा दी जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार 24 मार्च से 25 अगस्त तक जिले में 33,306 लोगों का नामांकन हुआ, जिनमें 26,587 की एक्स-रे जांच की गई। वहीं 18,444 उच्च जोखिम वाले मरीजों में से 14,485 की जांच कर समय पर बीमारी की पहचान और उपचार शुरू किया गया।
जिले के 10 स्वास्थ्य खंडों में सात पोर्टेबल एक्स-रे मशीनें तैनात की गई हैं। करसोग, रत्ती बल्ह और रोहांडा में मशीनें नियमित रूप से उपलब्ध हैं, जबकि अन्य स्वास्थ्य खंडों में तय तिथियों के अनुसार जांच सुविधा दी जा रही है। इससे दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को जांच के लिए जिला मुख्यालय या बड़े अस्पतालों के चक्कर लगाने से राहत मिली है।
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टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत मंडी जिले में पोर्टेबल एक्स-रे मशीनों और मोबाइल टीबी वाहनों के माध्यम से 80 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया गया है। -डॉ. अशोक चौहान, सीएमओ, क्षेत्रीय अस्पताल मंडी