कमी से बच्चों में विकास संबंधी हो सकती हैं समस्याएं
भाषण प्रतियोगिता में नवनी रहीं प्रथम
मंडी। आयोडीन की कमी बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास को प्रभावित कर सकती है। इससे बचाव के लिए आयोडीन युक्त नमक का नियमित सेवन जरूरी है। यह जानकारी खंड स्वास्थ्य शिक्षक रत्ती सुरेश चंदेल ने विश्व आयोडीन अल्पता विकार दिवस पर फीनिक्स स्कूल बैहना में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में दी। कार्यक्रम खंड चिकित्सा अधिकारी रत्ती डॉ. पीयूष वैद्य के सौजन्य से प्रधानाचार्य गीता शर्मा की अध्यक्षता में हुआ। सुरेश चंदेल ने बताया कि आयोडीन की कमी से घेंघा रोग, बच्चों में विकास संबंधी समस्याएं और बौद्धिक क्षमता प्रभावित होने जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। गर्भवती महिलाओं में गर्भपात और मृत शिशु के जन्म का जोखिम भी बढ़ सकता है। व्यक्ति को प्रतिदिन लगभग 150 माइक्रोग्राम आयोडीन की आवश्यकता होती है। इस दौरान विद्यार्थियों की भाषण प्रतियोगिता करवाई गई। इसमें नवनी प्रथम, वैष्णवी द्वितीय और आराध्य तृतीय स्थान पर रही। सभी प्रतिभागियों को स्वास्थ्य विभाग की ओर से पुरस्कार दिए गए। प्रधानाचार्य गीता शर्मा ने बच्चों को आयोडीन युक्त नमक के सेवन और इसके प्रति लोगों को जागरूक करने की सलाह दी। संवाद