चिट्टा केस में 1 करोड़ की संपत्ति फ्रीज
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नशे के अवैध कारोबार से अर्जित संपत्तियों पर नूरपुर पुलिस ने शिकंजा कसा है। इंदौरा के छन्नी गांव में दो आवासीय संपत्तियों, घरेलू सामान और एक कार सहित 1,01,55,718 रुपये की संपत्तियां फ्रीज की गई हैं। यह संपत्तियां नशा तस्कर मां, उसके बेटे और बेटी के नाम पर हैं। पुलिस की वित्तीय जांच के आधार पर नई दिल्ली स्थित सक्षम प्राधिकारी ने 26 अक्तूबर को संपत्ति फ्रीज करने के आदेश की पुष्टि की थी। मंगलवार को डीएसपी संजीव यादव और थाना प्रभारी आशीष पठानिया की मौजूदगी में संबंधित संपत्ति पर फ्रीजिंग आदेश का बोर्ड लगाया गया। यह कार्रवाई वर्ष 2017 में दर्ज हेरोइन बरामदगी के मामले से जुड़ी है।
पुलिस के अनुसार 30 मई 2017 को इंदौरा थाना में दर्ज मामले में दलवीरो के कब्जे से 6.50 ग्राम हेरोइन बरामद हुई थी। न्यायालय ने एक अप्रैल 2025 को दलवीरो को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। इसके बाद पुलिस ने संबंधित संपत्तियों के स्वामित्व, निर्माण, मूल्यांकन और आय के वैध स्रोतों की जांच की। जांच के आधार पर 28 सितंबर को संपत्ति फ्रीज करने का आदेश जारी किया गया था।
इसकी पुष्टि सक्षम प्राधिकारी ने 26 अक्तूबर को कर दी। अब इन संपत्तियों की खरीद-फरोख्त और हस्तांतरण पर कानूनी प्रतिबंध रहेगा। एएसपी नूरपुर धर्म चंद वर्मा ने बताया कि फ्रीज की गई संपत्तियों में दलवीरो का 61,96,561 रुपये मूल्य का मकान, उसके बेटे मिथुन उर्फ छप्पर का 32,60,950 रुपये मूल्य का मकान व घरेलू सामान और बेटी घारो देवी की 6,98,207 रुपये मूल्य की कार शामिल हैं।
अब तक 31.71 करोड़ की संपत्तियों पर कार्रवाई
पुलिस जिला नूरपुर के अनुसार जिले में अब तक नशा तस्करी से जुड़े मामलों में 31,71,61, 429 रुपये मूल्य की संपत्तियां फ्रीज की जा चुकी हैं। पुलिस अब नशा तस्करों की गिरफ्तारी और मादक पदार्थों की बरामदगी के साथ उनकी संपत्तियों की वित्तीय जांच पर भी जोर दे रही है, जिससे नशे के अवैध कारोबार से होने वाली कमाई पर रोक लगाई जा सके।