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जीएसटी परिषद बैठक: हिमाचल ने मांगी राजस्व गारंटी, पहाड़ी राज्यों के लिए जीओएम के गठन की पैरवी

Thu, 08 Oct 2026 09:37 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

 57वीं जीएसटी परिषद की बैठक में हिमाचल प्रदेश ने केंद्र सरकार के समक्ष पांच वर्ष तक 14 फीसदी सालाना राजस्व संरक्षण की मांग उठाई।
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जीएसटी। - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
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विस्तार
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जीएसटी सुधारों से करदाताओं को राहत मिले, लेकिन इसका प्रतिकूल असर हिमाचल के राजस्व पर न पड़े। 57वीं जीएसटी परिषद की बैठक में हिमाचल प्रदेश ने केंद्र सरकार के समक्ष पांच वर्ष तक 14 फीसदी सालाना राजस्व संरक्षण की मांग उठाई। गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रदेश के आबकारी सचिव डॉ. युनूस ने राज्य की वित्तीय स्थिति और भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए राजस्व सुरक्षा जारी रखने की मांग रखी।

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उन्होंने कहा कि पांच वर्ष की संरक्षण अवधि समाप्त होने के बाद राजस्व सुरक्षा अचानक खत्म नहीं की जानी चाहिए। जब तक राज्य का वास्तविक राजस्व पांचवें वर्ष के निर्धारित संरक्षित स्तर तक नहीं पहुंच जाता, तब तक संरक्षण जारी रखा जाए। प्रदेश ने पहाड़ी राज्यों के लिए अलग ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स (जीओएम) गठित करने की मांग भी दोहराई। प्रदेश का तर्क है कि परिवहन लागत, उद्योगों की प्रकृति, बाजार तक पहुंच और सीमित राजस्व क्षमता को देखते हुए पहाड़ी राज्यों के लिए जीएसटी व्यवस्था में अलग नीतिगत दृष्टिकोण जरूरी है।
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बैठक में प्रदेश के फार्मा उद्योग के हित में सक्रिय फार्मास्युटिकल सामग्री (एपीआई) पर जीएसटी दर कम करने की मांग भी उठाई गई। सरकार का कहना है कि इससे रेट इनवर्जन की समस्या कम होगी और जमा इनपुट टैक्स क्रेडिट व रिफंड दावों का दबाव घटेगा। हिमाचल ने छोटे करदाताओं के लिए पंजीकरण, रिटर्न, रिफंड और आकलन की प्रक्रियाओं को सरल बनाने के जीएसटी सुधारों का भी समर्थन किया।
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