फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

धर्म: शनिवार से शुरुआत और शनिवार पर समापन! 30 सितंबर को चतुर्थी और पंचमी का श्राद्ध; पूरा कैलेंडर यहां देखें

Fri, 25 Sep 2026 01:18 PM IST
Ankesh Dogra संवाद न्यूज एजेंसी, धर्मशाला।

सार

Pitru Paksha 2026: पितरों के प्रति कृतज्ञता और उनकी आत्मिक शांति के लिए मनाया जाने वाला पितृ पक्ष 26 सितंबर से शुरू होगा और 10 अक्तूबर तक चलेगा। इस दौरान पिंडदान, तर्पण, दान-पुण्य और ब्राह्मण भोज जैसे धार्मिक कर्म किए जाएंगे। इस वर्ष पंचांगीय गणना के अनुसार विशेष संयोग बन रहा है, जिसके कारण चतुर्थी और पंचमी दोनों का श्राद्ध 30 सितंबर को एक ही दिन किया जाएगा।
विज्ञापन
Pitru Paksha 2026 - फोटो : अमर उजाला AI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हिंदू धर्म में पितरों के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने और उनकी आत्मिक शांति के लिए पितृ पक्ष का विशेष महत्व माना जाता है। इस वर्ष पितृ पक्ष 26 सितंबर से शुरू होकर 10 अक्तूबर तक चलेगा। इन 15 दिनों के दौरान सनातन धर्मावलंबी अपने पूर्वजों की शांति के लिए पिंडदान, तर्पण, दान-पुण्य और ब्राह्मण भोज सहित विभिन्न धार्मिक कर्म करेंगे। इस बार पंचांगीय गणना के अनुसार पितृ पक्ष में एक विशेष संयोग बन रहा है। इसके चलते चौथा और पांचवां श्राद्ध एक ही दिन, 30 सितंबर को किया जाएगा।

विज्ञापन




30 सितंबर को चतुर्थी और पंचमी का श्राद्ध
पंडित विपिन शर्मा के अनुसार 30 सितंबर को दोपहर 2:50 बजे तक चतुर्थी तिथि रहेगी। इसके तुरंत बाद पंचमी तिथि शुरू हो जाएगी। अगले दिन यानी 1 अक्तूबर को दोपहर के कुतुप और रौहिण मुहूर्त से पहले ही पंचमी तिथि समाप्त हो जाएगी।
विज्ञापन


धर्मशास्त्रीय नियमों के अनुसार श्राद्ध कर्म दोपहर के समय किए जाने का विधान है। इसी कारण इस वर्ष चतुर्थी और पंचमी दोनों का श्राद्ध 30 सितंबर की दोपहर को ही संपन्न किया जाएगा। श्राद्ध और पूजा-पाठ के लिए दोपहर 12 बजे तक का समय सबसे उपयुक्त माना गया है।

पितृ पक्ष का श्राद्ध कैलेंडर
 
तारीख श्राद्ध
26 सितंबर पूर्णिमा श्राद्ध
27 सितंबर पहला श्राद्ध — प्रतिपदा
28 सितंबर दूसरा श्राद्ध — द्वितीया
29 सितंबर तीसरा श्राद्ध — तृतीया
30 सितंबर चौथा व पांचवां श्राद्ध — चतुर्थी और पंचमी
1 अक्तूबर छठा श्राद्ध — षष्ठी
2 अक्तूबर सातवां श्राद्ध — सप्तमी
3 अक्तूबर आठवां श्राद्ध — अष्टमी
4 अक्तूबर नौवां श्राद्ध — मातृ नवमी
5 अक्तूबर दसवां श्राद्ध — दशमी
6 अक्तूबर ग्यारहवां श्राद्ध — एकादशी
7 अक्तूबर बारहवां श्राद्ध — द्वादशी
8 अक्तूबर तेरहवां श्राद्ध — त्रयोदशी
9 अक्तूबर चौदहवां श्राद्ध — चतुर्दशी
10 अक्तूबर सर्वपितृ अमावस्या
विज्ञापन

मातृ नवमी से लेकर सर्वपितृ अमावस्या तक
4 अक्तूबर को मातृ नवमी का श्राद्ध होगा। इस दिन दिवंगत माताओं और अन्य दिवंगत महिलाओं के निमित्त श्राद्ध किया जाएगा। 7 अक्तूबर को द्वादशी का श्राद्ध होगा, जिसे संन्यासियों के श्राद्ध के लिए बताया गया है। वहीं 9 अक्तूबर को चतुर्दशी का श्राद्ध होगा, जो अकाल या दुर्घटना में मृत व्यक्तियों के निमित्त किया जाता है। पितृ पक्ष का समापन 10 अक्तूबर को सर्वपितृ अमावस्या के साथ होगा। इस दिन अज्ञात तिथि वाले पूर्वजों सहित उन पितरों का श्राद्ध किया जाता है, जिनका निर्धारित तिथि पर श्राद्ध किसी कारण से नहीं हो पाया हो।
विज्ञापन
MORE
AU ऐप में पढ़ें