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हिमाचल प्रदेश: 16 साल बाद चंबा की उड़नपरी सीमा ने एशियन सीनियर वूमेन वर्ग में रचा इतिहास, घर लौटने का इंतजार

Fri, 25 Sep 2026 10:08 AM IST
Ankesh Dogra संवाद न्यूज एजेंसी, चंबा।

सार

Chamba Athlete Seema Asian Senior Women Achievement: चंबा की एथलीट सीमा ने एशियन सीनियर वूमेन वर्ग में शानदार उपलब्धि हासिल कर जिले को गौरवान्वित किया है। 16 साल के लंबे अंतराल के बाद चंबा को इस वर्ग में ऐसी उपलब्धि मिली है। सीमा की सफलता से उनके परिवार और क्षेत्र में खुशी का माहौल है। माता केसरी देवी और भाई राज कुमार को अब सीमा के घर लौटने का इंतजार है। परिजनों का कहना है कि बेटी के लौटते ही उसकी उपलब्धि का जश्न मनाया जाएगा।
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सीमा के परिजन। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले की उड़नपरी सीमा ने एशियन सीनियर वूमेन वर्ग में शानदार उपलब्धि हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। सीमा की इस कामयाबी से चंबा में खुशी की लहर है। उनकी उपलब्धि की खबर जैसे ही परिवार और खेल प्रेमियों तक पहुंची, हर तरफ से बधाइयों का सिलसिला शुरू हो गया।

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सीमा की सफलता इसलिए भी खास मानी जा रही है, क्योंकि 16 साल के लंबे अंतराल के बाद चंबा को एशियन सीनियर वूमेन वर्ग में यह उपलब्धि हासिल हुई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सीमा के प्रदर्शन ने न केवल उनके परिवार को गौरवान्वित किया है, बल्कि चंबा के खेल जगत में भी नई उम्मीद जगाई है।
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बेटी की उपलब्धि पर परिवार में खुशी
सीमा की कामयाबी से उनके घर में खुशी का ठिकाना नहीं है। माता केसरी देवी और भाई राज कुमार को अब सीमा के घर लौटने का बेसब्री से इंतजार है। परिजनों का कहना है कि सीमा के वापस आते ही परिवार में जश्न का माहौल होगा।

परिजनों के लिए यह पल इसलिए भी खास है क्योंकि सीमा ने लंबे समय तक खेल के मैदान में मेहनत की है। लगातार अभ्यास और संघर्ष के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर उन्होंने परिवार और पूरे चंबा जिले को गौरवान्वित किया है।

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16 साल बाद मिली बड़ी उपलब्धि
सीमा की इस सफलता ने चंबा के खेल इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। एशियन सीनियर वूमेन वर्ग में 16 साल बाद जिले को मिली इस उपलब्धि को खेल प्रेमी बड़ी कामयाबी के तौर पर देख रहे हैं। उनका कहना है कि चंबा जैसे पहाड़ी जिले से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाना युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का काम करेगा। सीमा की सफलता से जिले के उन खिलाड़ियों को भी हौसला मिलेगा, जो सीमित संसाधनों के बावजूद खेलों में आगे बढ़ने का सपना देख रहे हैं।

युवा खिलाड़ियों में जगी नई उम्मीद
सीमा की उपलब्धि के बाद चंबा के खेल प्रेमियों में भी उत्साह है। लोगों का कहना है कि जिले में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। जरूरत उन्हें बेहतर प्रशिक्षण, सुविधाएं और सही मंच उपलब्ध कराने की है। सीमा ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर यह साबित किया है कि मेहनत और लगन के दम पर पहाड़ी क्षेत्रों के खिलाड़ी भी बड़े मंच पर अपनी पहचान बना सकते हैं।

घर लौटने का इंतजार
फिलहाल सीमा के परिवार को उनके घर लौटने का इंतजार है। माता केसरी देवी और भाई राज कुमार बेटी की उपलब्धि पर बेहद खुश हैं। परिवार का कहना है कि सीमा के लौटने पर रिश्तेदारों और क्षेत्र के लोगों के साथ मिलकर उनकी सफलता का जश्न मनाया जाएगा। सीमा की इस उपलब्धि ने चंबा के खेल जगत में उत्साह भर दिया है और जिले के युवा खिलाड़ियों के लिए एक नई प्रेरणा पैदा की है।
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