शाहाबाद में धान खरीद की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन बुधवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। मंगलवार को हुए लाठीचार्ज और हंगामे के बाद आज सुबह प्रदेशभर से किसान और विभिन्न जत्थेबंदियां बड़ी तादाद में धरना स्थल पर पहुंचने लगीं। वहीं, शाम को किसानों व सरकार के बीच सहमति बन गई। गुरुवार से धान की तुलाई व परसों से गेट पास कटने शुरू होंगे। किसानों को दोबारा से गेट पास नहीं कटवाने पड़ेंगे जिसके बाद किसानों ने धरना समाप्त कर दिया।
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खरीद तक मोर्चा रहेगा जारी: गुरनाम सिंह चढूनी
पंचायत को संबोधित करते हुए भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा था कि यह लड़ाई सिर्फ किसी एक संगठन की नहीं, बल्कि हर एक अन्नदाता की है। उन्होंने कहा, "सरकार धान खरीद शुरू करने की बजाय किसानों पर बर्बरता कर उनकी आवाज दबाने की कोशिश कर रही है, लेकिन यह दांव सरकार पर ही भारी पड़ेगा। जनता सब देख रही है।
राजनीतिक समर्थन भी पहुंचा
आंदोलन को समर्थन देने के लिए राजनीतिक दल भी आगे आने लगे हैं। शाहाबाद के पूर्व कांग्रेसी विधायक अनिल धनतौड़ी किसानों के बीच धरना स्थल पर पहुंचे और उन्होंने किसानों की मांगों का खुला समर्थन किया। धरना स्थल पर लगातार बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।