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Fatehabad News: टीबी के खिलाफ जंग में उतरेंगे युवा, गांव-गांव मरीजों की स्क्रीनिंग में करेगा मदद

Tue, 13 Oct 2026 10:48 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
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फतेहाबाद के एमएम कॉलेज में स्वास्थ्य विभाग की तरफ से आयोजित ट्रेनिंग में मौजूद एनसीसी कैडेट स
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फतेहाबाद। जिले में टीबी उन्मूलन अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग अब युवाओं की मदद लेगा। टीबी के मरीजों की पहचान और समय पर जांच सुनिश्चित करने के लिए एनसीसी कैडेट और माई भारत के सदस्य स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर काम करेंगे। इसके लिए जिले के सात खंडों में युवाओं की टीमें गठित की जा रही है।
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स्वास्थ्य विभाग ने अब इनकी ट्रेनिंग शुरू की है। जिला क्षयरोग अधिकारी डॉ. नरेंद्र ने बताया कि फतेहाबाद, रतिया, टोहाना, नागपुर, जाखल, भूना और भट्टूकलां खंड में एनसीसी कैडेट और माई भारत के सदस्यों की पांच-पांच सदस्यीय कमेटियां बनाई जा रही हैं। ये टीमें जहां भी टीबी जांच शिविर आयोजित होंगे वहां लोगों को लाने, स्क्रीनिंग के लिए प्रेरित करने और बीमारी से जुड़ी भ्रांतियां दूर करने में स्वास्थ्य विभाग का सहयोग करेंगी।
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एक साल में मिले 2019 मरीज, 56 बच्चे भी शामिल
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में जिले में टीबी के 2019 मरीज सामने आए। इनमें 0 से 14 वर्ष आयु वर्ग के 56 बच्चे भी शामिल हैं। वहीं पिछले साल जिले में कुल 3,03,851 लोगों की टीबी के लिए स्क्रीनिंग की गई। मरीजों की पहचान और संक्रमण की रोकथाम के लिए विभाग अब जांच अभियान में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दे रहा है।
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लक्षण दिखे तो जांच में देरी न करें
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार दो सप्ताह या उससे अधिक समय तक खांसी रहना, बुखार, रात में पसीना आना, वजन घटना और भूख कम लगना टीबी के प्रमुख लक्षण हो सकते हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच करवानी चाहिए। समय पर जांच और पूरा इलाज होने से टीबी को नियंत्रित किया जा सकता है।
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- टीबी होने के प्रमुख कारण
टीबी से संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या बोलने पर हवा में फैलने वाले बैक्टीरिया के संपर्क में आना।
संक्रमित व्यक्ति के साथ बंद और कम हवादार जगह में लंबे समय तक रहना।
कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता होने पर संक्रमण के बीमारी में बदलने का खतरा बढ़ना।
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